जननायक जनेश्वर मिश्र जी की जयंती का कार्यक्रम आयोजित किया

दिनांक 5 अगस्त 2021 प्रगतिशील समाजवादी पार्टी कानपुर नगर ग्रामीण जिला पार्टी कार्यालय दिव्यांशी गार्डन बर्रा बायीपास चौराहा कानपुर नगर पर समाजवादी नेता छोटे लोहिया जननायक जनेश्वर मिश्र जी की जयंती का कार्यक्रम आयोजित किया गया जनेश्वर मिश्र जी का जन्म 5 अगस्त 1933 को सुनाथी गांव के बलिया जनपद में हुआ था जनेश्वर मिश्र जी बारहवीं कक्षा पास करने के बाद संपूर्ण शिक्षा इलाहाबाद मे हुई थी जनेश्वर मिश्र छात्र नेता रहकर छात्रों के लोकप्रिय हो गए एक बार वह अपने घर बलिया गए तो अपनी बेटी को नहीं पहचान पाए आसपास के लोगों ने बताया कि यह आपकी बेटी है वह समाजवादी यूवजन सभा ज्वाइन कर लिया था यह उनका दौर था डॉ राम मनोहर लोहिया के संपर्क में आए जल्दी ही जनेश्वर मिश्र डॉ राम मनोहर लोहिया जी के निजी सचिव बना दिए गए 1961 में युवा सभा का महामंत्री बना दिया गया 1962 में छोटे लोहिया सियासी के कौशल की उनकी परीक्षा हुई फूलपुर से पंडित जवाहरलाल नेहरू चुनाव लड़ रहे थे उनके समाजवादी नेता डॉ राम मनोहर लोहिया जी वहा से चुनाव लड़ रहे थे वहां पर डॉ राम मनोहर लोहिया ने चुनाव की जिम्मेदारी जनेश्वर मिश्रा को दी थी यहां पर जनेश्वर मिश्रा पास हो गए थे करीब 45 मतदान केंद्रों पर पंडित जवाहरलाल नेहरु की जमानत जप्त हो गई थी इसमें सबसे बड़ा योगदान छोटे लोहिया का था जिसका खामियाजा भी चुकाना पड़ा था और चीनी हमलों के दौरान नजरबंद कर दिया गया था जनेश्वर मिश्रा का सियासत सफर 1964 से शुरू हुआ था जब वह जेल में थे फूलपुर से विजयलक्ष्मी के खिलाफ उन्हें चुनाव में उतारा गया चुनाव प्रचार का समय नहीं मिला वह चुनाव हार गए इसी बीच विजयलक्ष्मी की मृत्यु हो गई 1969 में फूलपुर से उपचुनाव में जनेश्वर मिश्रा सोशलिस्ट पार्टी के उम्मीदवार तौर पर मैदान में उतरे उन्होंने केएनटी मालवीय जैसे धुरंधर नेता को चुनाव हराकर संसद में कदम रखा उनको पुलिस ने पटेल चौक से गिरफ्तार कर लिया पुलिस ने उन्हें बैठने के लिए कुर्सी दी जनेश्वर मिश्र ने कुर्सी में लात मार दिया और आम कार्यकर्ताओं के साथ बैठ गए थे जनेश्वर मिश्रा छोटे लोहिया का कद बराबर बढ़ता गया 1972 में कमल बहुगुणा को 1976 में इंदिरा गांधी के अधिवक्ता सतीश चंद्र खरे को चुनाव चुनावी हार मे धूल चटाया था 1977 में विश्वनाथ प्रताप सिंह को 90 हजार मतों से चुनाव हराया था उनका ना ही बंगला था ना ही अपनी गाड़ी थी वह खाटी समाजवादी नेता थे वह संघर्ष से कभी नहीं हटे उनके लिए समाज पहले था परिवार बाद में था 1992 के दौरान उनकी पत्नी की तबीयत खराब हो गई तभी मुलायम सिंह जेल चले गए छोटे लोहिया आंदोलन की कमान संभाल ली तभी उनकी पत्नी की मृत्यु हो गई छोटे लोहिया पैरोल जाने से मना कर दिया छोटे लोहिया ने कहा पहले मुलायम सिंह यादव को रिहा करो बाद में मैं निकलूंगा जनेश्वर मिश्र 11 बार जेल गए जनेश्वर मिश्र सदैव अपना जीवन गरीबों के हक अधिकार में दिया है और 1992 से बराबर राज्यसभा सांसद रहे हैं आज के वक्त समय में ऐसे नेता कि देश को जरूरत है मुख्य अतिथि माननीय शिव कुमार बेरिया जी वह जिला संगठन के पदाधिकारीयो ने अपने अपने विचार जनेश्वर मिश्र के जीवन पर विस्तार से व्यक्ति किए जननायक नेता के जन्मदिन पर सभी को बधाई इस अवसर पर मुख्य रूप से पूर्व मंत्री माननीय शिव कुमार बेरिया जिला अध्यक्ष विनोद कुमार प्रजापत प्रमुख जिला महासचिव राजपाल यादव राम प्रकाश मिश्रा गोविंद त्रिपाठी स्वामी अशोक यादव सुधाकर मिश्रा आकाश प्रजापत प्रेम प्रकाश दुबे सरोज प्रजापति अरुण यादव आनंद शुक्ला शिव कुमार प्रजापति राम बहादुर पासवान श्रवण कुरील जगदीश यादव शिव सिंह यादव मोना गौतम सुषमा सिंह रमाकांत कुशवाहा विष्णु सविता अबरार आलम डॉ प्रदीप कुमार आदि ।

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