कानपुर. शहर के बर्रा थाना इलाके में पांडु नदी किनारे युवक की हत्या कर शव फेकने की घटना का पुलिस ने खुलासा किया है। लूट का विरोध करने पर हत्याकांड की वारदात को अंजाम दिया गया था। पुलिस ने ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी तो सुलझा ली है लेकिन अभी भी मृतक की शिनाख्त पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। इस मामले को लेकर एडीसीपी अपराध डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि बर्रा इलाके में बीती माह 19 जुलाई को मेहरबान सिंह का पुरवा क्षेत्र के ग्राम फत्तेपुर दक्षिण में पाण्डु नदी किनारे रोड के पीछे एक व्यक्ति अज्ञात का शव मिला था। शव को पोस्टमार्टम भेजते हुए अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर पुलिस की टीमें जांच में लगाई गई थी।
पुलिस के मुताबिक छानबीन में पता चला कि पास ही टेंट लगाकर जड़ी बूटी बेंचने वाले रहते हैं उनकी गतिविधियां संदिग्ध हैं। वह कई दिनों से यहां से गायब हैं। पुलिस ने जब टेंट के अंदर जाकर छानबीन की तो कुछ कागज मिले जिनके आधार पर पांडु नदी के पास मिले युवक की हत्या से जोड़कर छानबीन की गई तो पता चला कि जनपद अमरोहा के ऋषि गौतम और बुलन्दशहर के आकाश को गिरफ्तार कर लिया गया और दोनों से पूछताछ की तो घटना का पर्दाफाश हो गया।
लूट का विरोध करने पर की हत्या
एडीसीपी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि हिरासत में लिए गए आकाश और ऋषि गौतम ने बताया कि लूट के इरादे से हमने युवक को रोका और जब उसने विरोध किया तो उसकी हत्या कर दी। वह कौन था, कहां का था यह जानकारी हमें नहीं है। वारदात के बाद वह लोग जनपद छोड़कर भाग गए थे। पुलिस ने पकड़े गए अभियुक्तों की निशानदेही पर मृतक के कपड़े व हत्या में प्रयुक्त छुरी बरामद कर ली है। उनके इकबालिया जुर्म के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की कार्रवाई की।
मृतक की शिनाख्त बनी अनबूझ पहेली
पांडु नदी किनारे युवक की हत्या में पुलिस ने भले ही दो हत्यारों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा कर दिया हो, लेकिन अभी भी यह चुनौती उनके सामने है कि मृतक आखिर कौन है और कहां का रहने वाला था। फिलहाल पुलिस ने मृतक की पहचान के लिए उसके हुए मृतक की शिनाख्त की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अभियुक्तों की निशानदेही पर बरामद मृतक की टीशर्ट, लोअर, एक जोड़ी चप्पल के आधार पर पहचान के लिए पुलिस प्रयास में जुटी हुई है।
