पुजारी सुरेश सिसौदिया मूर्ति सहित नाव से यमुना नदी में गिर गये- पुखरायां

पुखरायां । देवरहट गांव के पास यमुना नदी में मूर्ति को नहलाने गए पुजारी नाव का संतुलन बिगड़ने से नदी में चले गए , जिसकी तलाश करने में गोताखोर भी असफल रहे , यमुना नदी का पानी गांव में घुस चुका है , शाम तक खोजबीन जारी रही । वही पर मूर्ति जल में समर्पित हो गई ।
देवरहट गांव के ग्रमीणों ने बताया कि गांव में काफी पुराना राम जानकी मन्दिर है , जिसमें अष्टधातु की मूर्ति है । सावन के तीसरे सोमवार को मूर्ति को नहलाया जाता है ,अंनत चतुर्दशी को शोभायात्रा निकाली जाती है , सोमवार को यमुना नदी इतनी बढ़ गई कि पानी गांव के अन्दर घुस गया है , मन्दिर के चारो तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है , मन्दिर परिसर में बने आधे कमरे डूब गए , पुजारी नाव में मूर्ति नहलाने के लिए यमुना नदी में लेकर पहुचे , साथ मे दो नाविक और महन्त हनुमान दास भी बैठ गये , जैसे ही नाव यमुना की धारा में पहुचे , नाव का संतुलन बिगड़ने लगा , इसके बाद कोई कुछ समझ नही पाया मूर्ति हाथ से फिसलने लगी औऱ पुजारी असुंतलित हो गए , जिससे मूर्ति सहित नाव से यमुना नदी में गिर गये नाविकों ने नाव समाली जो अनुमान लगा रहे थे कि पुजारी जी अच्छे तैराक है , पुजारी जी नदी से नही निकल पाए नाव एक तरफ लगाकर पुजारी को निकलता न देखकर यमुना नदी में तलाश किय गई , जिसकी सूचना मिलते ही देवरहट पुलिस बल के साथ पहुचकर गई गोताखोर को बुलाकर यमुना नदी में उतारा गया , देर शाम तक गोताखोर यमुना नदी में दूर दूर तक तलाश किय गई लेकिन पुजारी जी का कही पता नही लगा सके ,जिससे देवरहट गांव में शोक की लहर दौड़ गई । देवरहट थाना के उपनिरीक्षक अनिल भदौरिया ने बताया कि देर शाम तक गोताखोर के दुवारा यमुना नदी में डूब रहे पुजारी जी का पता नही लगा सके ।

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