कानपुर
थाना चौबेपुर अंतर्गत ग्राम भवानीपुर में प्लाट के सामने रास्ते के विवाद को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष हो गया। घायल पीड़ित पक्ष ने पुलिस कमिश्नर की जनसुनवाई में न्याय के लिए गुहार लगाई है। जानकारी के मुताबिक फरियाद लगाने आए नितिन गुप्ता ने बताया कि ऊषा गुप्ता पत्नी राधेश्याम गुप्ता प्लाट से रास्ते का विवाद जो सिविल कोर्ट में लम्बित है। ऊषा के दमाद अशोक गुप्ता व भतीजे अनिल गुप्ता ने साजिश करते हुये अपने वकील साथियों जो कि बाहर से गाड़ियों में 50लोग साथ आये हुये थे।इन लोगों ने मारपीट शुरू कर दिया, जिसमें दिनेश गुप्ता के पूरे परिवार के लोगों के साथ मारपीट कर लहूलुहाल कर दिया और जान से मारने की कोशिश की व
महिलाओं के कपड़े भी फाड़ दिये। अनिल गुप्ता जो इस घटना में सम्मिलित है जो कि थाने तक रेकी करते रहे वा परिवार की गतिविधियों को बताते रहे।अशोक गुप्ता पुत्र हीरालाल ने ही अनिल गुप्ता पुत्र रामानन्द निवासी ग्राम भवानीपुर, चौबेपुर के साथ मिलकर घटना को अंजाम देने से पहले पुलिस को मामले में पूर्व संलिप्त कर सुनियोजित तरीके से हमला करवाया पुलिस को घटना की सूचना देने के काफी देर बाद पुलिस मौके पर आयी। झगड़े की रोकथाम की रोकथाम से पहले दंगाईयों ने मेरे परिवार के लोगों को पूरी तरह घायल कर दिया व हम लोगों ने भी अपने बचाव की कोशिश की। पुलिस घायल अवस्था में लोगों को थाने ले गयी तथा घायल करने वाले दंगाईयों, वकील, साजिशकर्ता व
प्रायोजकों को मौके से भगा दिया जिनकी कोई गिरफ्तारी नहीं की गयी।थाने में घायल लोगों की एफ0आई0आर0 उनकी मर्जी से नहीं लिखी गयी। अगले दिन पुलिस ने दूसरे पक्ष का प्रार्थना पत्र लेते हुये मेरे परिवार के जो लोग वहाँ मौजूद नहीं भी थे उनके नाम भी लिखकर दोनो पक्षों की एफ0आई0आर0 को एक क्रास केस बनाकर संगीन धाराओं में दर्ज किया। जबकि साजिशकर्ता मारपीट करने के गुनहगार है।वही पुलिस आयुक्त आरके स्वर्णकार ने पीड़ीत लोगो की फरियाद सुनकर निष्पक्ष जांच करा कर न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है।
बाइट नितिन गुप्ता पीड़ीत फरियादी
