कानपुर
कानपुर कचहरी में दोपहर उस समय हड़कंप मचा गया जब अचानक अफवाह फैली की थाना चकेरी के किसान बाबू सिंह आत्म हत्या के मुख्य आरोपी बीजेपी नेता आशु दिवाकर रंजन ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। जिस पर उनके वकील ने बताया की प्रिया रंजन आशु दिवाकर को 5 तारीख तक हाई कोर्ट से राहत मिली हुई है। क्योंकि पुलिस पेच फंसा रही है कि 13 तारीख को वह रीजेंसी में भर्ती था। सभी लोग इसमें अफवाह फैला रहे हैं की 18 सितंबर को आशु दिवाकर ने एक बेल डाली है। उसने साफ-साफ लिखा है कि उसकी पत्नी भर्ती थी। फिर दूसरी बेल डाली गई दूसरी बिल डालने में क्या हुआ कि अभ्यर्थी की पत्नी का शब्द का लोप हो गया। इसी बात का ईशु पुलिस प्रशासन बना रहा है। पत्नी शब्द होने के कारण 13 तारीख को आशु दिवाकर रंजन कहां था। रीजेंसी में थे और एक अन्य हॉस्पिटल का नाम सामने आया था जबकि वह वहाँ था ही नहीं उसकी पत्नी भर्ती हुई थी यह एक क्रानिकल मिस्टेक थी। हमने न्यायालय में एक आवेदन दिया की पत्नी शब्द का लोप हो गया है इसको माना गया है एक दिन में आर्डर हो जाएगा। उससे पहले हम पहुंचा देंगे पुलिस सुसाइड नोट के फॉरेंसिक रिपोर्ट दिखा नहीं रही है अपने आपको बचा रही है। जबकि पुलिस एक आरोप लगा रही है कि आशु दिवाकर रंजन ने एक गलत हालतनामा लगाया है। उसके खिलाफ मुकदमा है।क्योंकि वह पर एक क्रानिकल मिस्टेक है जो बेल दाखिल हुई जिसके पैरा नंबर 17 की पांचवी लाइन में जो पहले बेल दाखिल हुई थी उसमें साफ-साफ लिखा है उसकी पत्नी का लोप हुआ है। आशु दिवाकर रंजन के वकील ने बताया कि कुछ कागज निकालने आए थे और कुछ कागज लगाने आए थे संभवत 5 दिसंबर तक आशु दिवाकर रंजन को राहत मिल जाएगी वैसे भी हाईकोर्ट ने 5 तारीख तक गिरफ्तारी न करने की आदेश दिए हैं चकेरी किसान आत्महत्या मामले में आरोपी आशु दिवाकर रंजन पर पुलिस द्वारा इनाम घोषित करने और कई तरह के आरोप लगाने का विरोध करते हुए पुलिस की कार्यवाही पर सवालिया निशान उठाया है।
बाइट सरनाम सिंह अधिवक्ता प्रिय आशु दिवाकर रंजन का
