कानपुर:सबसे उम्दा तालीम कुरान व हदीस की तालीम है और सबसे बेहतर सीरत पैगम्बरे इस्लाम की सीरत है अज़मते सहाबा और मोहब्बते अहले बैत तालीमे रसूल का अहम हिस्सा है अल्लाह के रसूल से मोहब्बत करने वाला एक शख्स कभी भी गुस्ताख व दुश्मने सहाबा या मुन्किरे शाने अहले बैत नही हो सकता अल्लाह के नबी की सैकड़ो से ज्यादा हदीसे शान व अज़मते सहाबा व अहले बैत मे मौजूद है खुद पैगम्बर-ए-इस्लाम ने इन हज़राते क़ुदसिया की तहारत व अदालत की गवाही देकर उम्मत पर इन हज़रात की ताज़ीम व तकरीम को लाजिम क़रार दिया है इन ख्यालात का इज़हार तन्ज़ीम बरेलवी उलमा-ए-अहले सुन्नत के ज़ेरे एहतिमाम मदरसा तालीमुल क़ुरआन अहले सुन्नत मस्जिद 22 ब्लाक जुही लाल कालोनी मे जिक्र-ए-शोहदाए के दूसरे जलसे मे तन्ज़ीम के जनरल सेक्रेट्री मुफ्ती मोहम्मद काजिम रज़ा ओवैसी ने किया तन्ज़ीम के सदर हाफिज व क़ारी सैयद मोहम्मद फ़ैसल जाफरी की सदारत मे हुए जलसे मे मुफ्ती काजिम ने आगे कहा कि पैगम्बर-ए-इस्लाम फरमाते है मेरे घर वालो की मिसाल हज़रत नूह अलैहिस्सलाम की कश्ती के मानिंद है जो इस पर सवार हुआ तो वह कामयाब हो गया और जो इस पर कामयाब होने से पीछे रहा तो वह हलाक हो गया है सहाबा किराम और अहले बैते एज़ाम के दिल आपस मे एक दूसरे के लिए बिल्कुल पाक व साफ थे इससे पहले जलसे का आगाज तिलावते कुरान पाक से हाफिज मोहम्मद आसिफ रज़ा ने किया और मोहम्मद ओवैस व कौसैन रजा ने बारगाहे इमामे आली मक़ाम मे नात व मनकबद का नज़राना पेश किया जलसा सलातो सलाम व दुआ के साथ खत्म हुआ फिर शीरनी तकसीम हुई इस मौके पर इज़हार बरकाती, अब्दुर्रहमान, अब्दुर्रज्ज़ाक, मोहम्मद कलीम,हाफिज अकबर ओवैसी आदि लोग मौजूद थे!
2021-08-14
