व्यापारी है देश के सच्चेसेवक

व्यापारी है देश के सच्चेसेवक व्यापारी पालन सहयोगी है देश का
जय जवान
जय किसान
जय उद्यमी व्यापारी
देश की सीमा पर जवान पहरा देता है *दुश्मनो से रक्षा करता है समय आने *पर लड़ता है, अपने प्राण न्योछावर *करता है। इसलिये जयजवान !
किसान खेत से खलिहान तक अन्न उगाता है अपना पसीना और खून बहाता है देश की आत्मा है किसान, साक्षात ईश्वर अल्लाह बस्ता है इनके दिल मे,
और व्यापारी ,उद्यमी और इसी तरह उद्यमी व्यापारी भी देश की अर्थ व्यवस्था को सभालता है।अपने पुरुषार्थ, परिश्रम और साहस से अनेकानेक सामाजिक ,सांस्कृतिक, धार्मिक और राजनीतिक चुनौतियो का सामना करते हुए देश की उत्पादन क्षमता और काश्मीर से कन्याकुमारी व कच्छ से असाम तक फैले पूरे देश मे शहरो कस्बे से लेकर ग्रामो तक की वितरण व्यवस्था को सभालता है। देश को आत्मनिर्भर बनाता है और पूरे देश का खर्चा उठाता है । इसीलिये देश का सच्चा सेवक है व्यापारी।
क्या नही करता है व्यापारी ????
देश की सर्वांगीण सेवा करता है, सबकुछ करता है ,सभी की सेवा करता है व्यापारी
बस राजनीति नही करता है, धर्म और वर्ग मे नही बटता- बांटता है व्यापारी ।
एकता और भाईचारे की मिसाल है व्यापारी
कौम जाति धर्म वर्ग कोई भी हो पहले हम व्यापारी और उद्यमी है। हम देश वासी एक है और इसीलिये हम है— देश के सच्चे सेवक।
आजादी की लड़ाई मे गुलामी से लेकर आजादी तक देश के व्यापारियो ने भामाशाह की भूमिका निभाई और सभी आन्दोलनो को गति दी, पोषित और पल्लवित किया।
74वें स्वतन्त्रता दिवस पर अजय मित्तल, प्रदेश उपाध्यक्ष और सहसंयोजक , भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल व्यापारी पालनकर्ता

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *