आज दिनांक 14 अगस्त २०२१ को मंधना जी टी रोड स्थित अपनी फैक्ट्री में अमिताभ बाजपेई ने एन एच ए आई द्वारा रोड चौड़ीकरण के दौरान की जा रही धांधली एवं अवैध तोड़ फोड़ के विरोध में अपने शुभचिंतकों की एक बैठक बुलाई , जिसके लिए उन्होंने अपनी बात अपनों के साथ का विषय रखा |
विदित हो की विगत ११ एवं १२ तारिख को जी टी रोड स्थित रमईया ढाबा बिना किसी पूर्व नोटिस के गिरा दिया गया और इस दौरान बगल में लगी हुई फैक्ट्री की दीवाल भी गिरा दी गयी. एवं एन एच ए आई द्वारा बार बार ये कहा गया और अखबारों में भी बयान दिए गए की मुआवजा उठाने के बाद भी ढाबा और फैक्ट्री खाली नहीं कर रहे हैं.
विधायक जी ने मुख्या रूप से कुछ सवाल प्रशासन से पूछे एवं कुछ तथ्यों से अपने शुभचिंतकों एवं मीडिया के द्वारा जनता को अवगत कराया , उन्होंने ने प्रशासन से पुछा की
कब जमीन खाली करने का नोटिस दिया जायगे ? कोई भी नोटिस प्राप्त नहीं हुआ
क्या गिराने के पहले 10(5) एवं 10(6) की नॉटिक दे कर आधिकारिक तरीका अपनाया गया ?
हर जगह सड़क 4 लेन की है यहाँ पर आठ लेन के हिसाब से कब्ज़ा क्यों ?
कब डी ए या किसी और अधिकारी ने इस लिए वार्ता कर के मसला सुलझाने का प्रयत्न किया ?
हमने एन एच ए आई से बात करके जो मुआवजा अवार्ड हुआ था वो देने को कहा पर वो नहीं दे रहे हैं,
पहले अवार्ड किया हुए मुआवजे के खिलाफ एन एच ए आई अपील में गया और काम रुकवाने का आरोप हम पर लगा रहा है
माननीय उच्च न्यायलय के आदेश से कोई भी बिल्डिंग गिराने का कार्य १७ अगस्त २०२१ तक नहीं किया जाना है फिर भी इसी बीच बिना नोटिस क्यों ढाबा एवं फैक्ट्री के दीवाल गिराई गयी
अवार्ड कितना हुआ और वो कम लेने को क्यों कह रहे हैं, हमें खेती का भी मुआवजा दिया जा रहा है उसका आधार क्या है कुछ जमीन का आवासीय मुआवजा दिया जा रहा है उसका आधार क्या है
हमने अपनी तरफ से प्रशासन से मिल कर बात का मध्यमार्ग निकालने का प्रस्ताव दिया फिर ये बलपूर्वक निर्माण गिराने की आवश्यकता क्यों पड़ी
कितनी जमीन लेनी है कितनी छूटेगी इसका नक्शा कब दिखाया गया
नई जगह पर फैक्ट्री लगाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर की क्या व्यवस्था की गयी या इसके लिए क्या बात हुई जैसा LA ACT 2013 SECTION 3(i)(iv) में प्रावधान है
फैक्ट्री एवं पड़ोस के ढाबे को नई जगह पर शिफ्ट करने के लिए कितना समय दिया गया
जब प्रशासन को पता था की मैं सदन की बैठक में हूँ तो जानते बूझते हुए मेरे विशेषाधिकार का हनन क्यों किया गया
मुआवजा कितना दिया गया ये बताने का अधिकार किसको है ? क्या ये मेरी निजता का हनन नहीं है ?
उसके बाद विधायक अमिताभ बाजपेई ने गीता की शपथ ले कर कहा की मैंने जमीन के मद में कोई मुआवजा नहीं लिया है , बिल्डिंग का मुआवजा धोखे से अकाउंट में ये कह के डाला गया की भूमि का अवार्ड किया हुआ मुआवजा एवं बिल्डिंग का मुआवजा एक साथ दिया जाएगा और फिर एन एच ए आई ने अवार्ड के खिलाफ अपील कर के मुआवजा देने से इनकार कर दिया,
उन्होंने ये भी कसम खायी की उनको १६ करोड़ मुआवजा नहीं मिला है जैसा की बयाना एन एच ए आई के प्रशांत दुबे ने मीडिया में दिया है
उन्होंने ये भी कहा की फैक्ट्री पूरी तरह से नई जगह पर शिफ्ट करने में जो समय एवं अन्य सरकारी विभागों की फॉर्मेलिटी में कितना समय लगना है इसके लिए प्रशासन को चर्चा करनी चाहिए थी और इसका प्रस्ताव उन्होंने एन एच ए आई के सभी प्रोजेक्ट डायरेक्टर को एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारीयों को कहा लेकिन वो सिर्फ अपना काम करने को अधीर है एवं किसी के रोजगार की कोई बात नहीं करना चाहते हैं
जबसे गजट हुआ है विभाग के दलाल हर जगह जा रहे हैं चूंकि यहाँ उनकी दाल नहीं गली इसलिए इस प्रकार का कदम उठाया गया और साथ ही उनकी छवि को खराब करने का प्रयत्न भी किया गया
उन्होंने ये उदहारण भी दिया की इतने लम्बे एक्सप्रेसवे बनने पर भी सपा सरकार में ऐसी कोई घटना सामने नहीं आई थी क्योंकि वो सरकार न्याय की बात करना जानती थी और ये सरकार मात्र उत्पीडन और तानाशाही पर आधारित है.
यहाँ पर जमीन के दो रेट लगाये गए हैं एक ₹ 1890.00 प्रति मीटर एवं ₹ 5500.00 प्रति मीटर जनता खुद तय करे की यहाँ पर क्या जमीन इसके १० गुने में भी खरीदना संभव है ?
सभी नेतायों ने सरकार के इस कृत्य की कड़ी भर्त्सना की एवं इस सरकार को कहा की वो उत्पीडन कर के डराना चाह रही है लेकिन इस संघर्ष की घडी पूरी समाजवादी पार्टी एवं अन्य सामजिक लोग विधायक अमिताभ बाजपेई के साथ हैं अभी तक विधायक जी ने सामाज के लिए संघर्ष किया है आज जब उनके उप्पर ऐसा समय आया है तो सभी शुभचिंतक कंधे से कन्धा मिला कर साथ खड़े हैं और सरकार ये समझ ले की हम अन्याय सहने वाले नहीं हैं।
कामरेड सुभषिनी अली जी- ने कहा कि ये लड़ाई किसानों, एम् एस एम ई सेक्टर, खादी की इकाइयों और गरीबो के घर घेर बचाने की लड़ाई है
अभी फोन पर कहा।
मौके पर मौजूद विधायक दिलीप सिंह कल्लू यादव, इरफान सोलंकी,
पूर्व विधायक- मुनीन्द्र शुक्ला, कमलेश दिवाकर, रामकुमार निषाद
वरिष्ठ नेता- कुतुबुद्दीन मंसूरी, सुरेश गुप्ता (रालोद), मो. हसन रूमी, नीरज सिंह
पार्षद- अभिषेक गुप्ता मोनू, अमित मेहरोत्रा बबलू, उमर शरीफ, अर्पित यादव।
पूर्व पार्षद- मो. सारिया, हरीओम पांडे, सुशील तिवारी, अम्बर त्रिवेदी।
नगर अध्यक्ष- डा. इमरान
साथी सर्वेश यादव, वरूण यादव, राजू खान, बबलू मिश्रा, हरीओम पांडे, रामू कुशवाहा, वरूण मिश्रा, आशीष पांडे, चेतन पांडे, संदीप पांडे, सोनी बाजपेई।
नगर अध्यक्ष- वीरेंद्र त्रिपाठी, करूणेश श्रीवास्तव, विजय यादव,नसीम अहमद।

