खरीफ खेती के लिए यूरिया की मांग बढ़ गई है। वहीं दूसरी तरफ अधिकांश साधन सहकारी समितियों के गोदाम खाली होने से किसान भटक रहे हैं। प्राइवेट दुकानदार 20 से 30 रुपये अधिक मूल्य पर बिक्री कर रहे हैं। जिला प्रशासन इस समस्या से बेखबर है। वर्तमान में धान की फसल में टाप ड्रेसिग के लिए यूरिया की अधिक आवश्यकता है। अधिकांश समितियों पर पिछले 20 दिन से मांग के अनुरूप उपलब्धता नहीं हो पा रही है। ट्रक आने की सूचना पर किसानों की भीड़ एकत्र हो जा रही है, लेकिन स्टाक कम होने से अधिकांश किसानों को वापस लौटना पड़ रहा है।
सरपतहां क्षेत्र के अरसियां के किसान मो. शमीम ने बताया कि धान की फसल में यूरिया की बेहद आवश्यकता है, लेकिन समितियों पर यह नदारद है। वहीं, कटघर निवासी किसान आलोक पांडेय कहते हैं कि यूरिया ऐसे समय पर समितियों से गायब हुई है जब उसकी सख्त आवश्यकता थी। सुइथाकलां की सभी आठों समितियों समेत इफको के फ्रेंचाइजी केंद्रों पर यह उपलब्ध नहीं है।
खेतासराय क्षेत्र के पोरईकलां के किसान राम आसरे राजभर ने बताया कि सहकारी समिति पर यूरिया नहीं है। ऐसे में किसान को निजी दुकानों से 40 रुपये अधिक देकर खरीदना पड़ रहा है। किसान संपत बिद निवासी जमदहां ने कहा धान में यूरिया डालने के लिए परेशान हैं। बरसठी क्षेत्र के 12 में 10 साधन सहकारी समितियों पर यूरिया नहीं है। राजापुर गांव के जटा शंकर, ओंकार नाथ पाठक, मनोज सिंह ने बताया कि धान की फसल के लिए यूरिया की जरूरत है मगर समिति से यूरिया गायब है।
सिकहारा क्षेत्र के शाहपुर के किसान अशोक तिवारी ने कहा कि मैंने लगभग पांच बीघा धान की खेती की है। टाप ड्रेसिग करने के लिए यूरिया की आवश्यकता है। साधन सहकारी समिति गोनापार पर गया तो वहां पर यूरिया नहीं थी। मजबूरी में 20 रुपये महंगी यूरिया खरीदकर छिड़काव किया। शाहपुर के किसान मेवालाल यादव, रामआसरे ने बताया कि साधन सहकारी समिति पर यूरिया नदारत है। गोनापर, राजेपुर साधन सहकारी समिति पर किसानों ने जब यूरिया की खरीद करने गए तो ताला लटका रहा है। वहीं पर बाजारों में यूरिया रेट से 20 रुपये अधिक दाम पर मिल रही है। लखेसर के किसान राम कृपाल यादव ने बताया कि अधिक दाम पर यूरिया दी जा रही है।
जनपद में यूरिया का सामान्य स्टाक खत्म हो गया है। किसानों की आवश्यकता को देखते हुए रिजर्व में रखे गए 4,800 मीट्रिक टन यूरिया में पचास प्रतिशत समितियों पर भेजी जा रही है। बुधवार को कोटे का 490 टन यूरिया 43 समितियों को आवंटित की गई है। जिलाधिकारी की पहल पर इफको की 1,400 टन यूरिया जनपद को मिली है। चार-पांच दिन में रैक जिले में आ जाएगी।
