नमाज़ो की पाबंदी करे मुसलमान – सैय्यद मज़हर चिश्ती

 

 

हर साल की तरह इस साल भी कमेटी मुस्लिम वेल्फेयर एसोसिएशन के ज़ेरे एहतेमाम शहर के मोहल्ला तिलक नगर स्थित पीर वाली मस्जिद का मैदान बरकाती ग्राउंड में 48 वां सालाना 10 रोज़ा रूह परवर दीनी तब्लीगी इजलास पैग़ामे शहीद ए आज़म का एहतेमाम किया गया है जिसकी आज पहली महफिल मुनक्कत हुई। प्रोग्राम का आग़ाज़ तिलावत ए कुरान रब्बानी से अल्हाज हाफिज़ फज़ले अज़ीम रहमानी और संचालन मोहम्मद तालिब बेग़ बरकाती ने किया। उरई के हाफिज़ जुनैद चिश्ती और अमान बेग बरकाती ने नात व मन्क़बत पढ़ी जिसे सुनकर अकीदतमंद झूम उठे और “नारे तक़बीर अल्लाहु अकबर नारे रिसालत या रसूलल्लाह नारे हैदरी या अली नारे हुसैनी या हुसैन” के गगनभेदी नारे लगाये। उसके बाद मेहमाने खुसूसी की हैसियत से आस्ताना ए आलिया समदिया फफूंद शरीफ से तशरीफ़ लाए सैयद मज़हर मियां चिश्ती ने खिताब किया और अल्लाह की वहदानियत पर ब्यान किया और लोगों को नमाज़ो की पाबंदी, रब की इबादत और बुरे कामों से बचने की हिदायत दी। उन्होंने आगे ब्यान किया कि फजर की नमाज़ के वक्त हज़रत उमर पर मस्जिद में हमला हुआ और यकुम (एक) मुहर्रम को उनकी शहादत हो गई हज़रत उमर फारूक को हज़रत आयशा सिद्दीका की इजाज़त से हुज़ूर के रौज़े में हज़रत सिद्दीक ए अकबर कि कब्र के बगल में दफ्न किया गया। मुख्य रूप से अब्दुल वहाब, अब्दुल रज़्ज़ाक़, कामिल बेग, मकसूद, आकिल बेग, इरशाद निज़ामी, आसिफ बेग, तौसीफ, वामिक बेग, रिज़वान सिद्दीकी, दानिश, तारिक, ज़िया, रूमान, अनवारुल, हम्माद, अज़हर, ज़मीर अहमद , अनवर गौरी आदि लोग मौजूद रहे।

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