वायरल डायरिया से तीन की मौत, कई गंभीर

उल्टी-दस्त से शरीर में पानी की कमी से हो रही किडनी फेल।
Fri, 20 Aug 2021
वायरल डायरिया से तीन की मौत, कई गंभीरवायरल डायरिया से तीन की मौत, कई गंभीर

विकट स्थिति ——

– उल्टी-दस्त से शरीर में पानी की कमी से हो रही किडनी फेल

– विलंब से अस्पताल आने से बिगड़ रहा है केस

कानपुर में एलएलआर अस्पताल (हैलट) के इमरजेंसी में बुधवार को वायरल डायरिया की चपेट में आने के बाद गंभीर स्थिति में विलंब से आई महिला समेत तीन की मौत हो गई। उन्हें कई दिनों से बुखार के साथ उल्टी-दस्त हो रहे थे। जब झटके आने लगते तो स्वजन उन्हें लेकर एलएलआर अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचे, जहां इलाज शुरू होने से पहले की सांसें थम गईं। डाक्टरों का कहना है कि कई दिनों से उल्टी-दस्त होने से शरीर में पानी की कमी होने से उनकी किडनी फेल हो गई थी। विलंब से अस्पताल आने से हार्ट अटैक से मौत हुई है। वहीं, कई गंभीर मरीज किडनी फेल्योर के भर्ती हुए हैं।

बिल्हौर निवासी 68 वर्षीय राम रति को छह दिनों से बुखार, उल्टी और दस्त हो रहे थे। स्वजन घर के पास के मेडिकल स्टोर से लेकर दवा खिला रहे थे। सुबह जब बेसुध हो गए तो स्वजन डाक्टर के पास ले गए। उन्हे एलएलआर इमरजेंसरी में भेजा गया। वहां डाक्टरों ने देखते ही मृत घोषित कर दिया। वहीं, नौबस्ता क्षेत्र के रहने वाले 82 वर्षीय होरी लाल को तीन दिन से बुखार, दस्त और उल्टियां हो रही थीं। बुधवार सुबह से उनकी सांस फूलने लगी। स्वजन उन्हें निजी अस्पताल लेकर गए। डाक्टर ने गंभीर स्थिति को देखते हुए एलएलआर इमरजेंसी भेजा। एलएलआर में डाक्टर ने चेकअप के बाद मृत घोषित कर दिया। साथ आए उनके पौत्र सागर ने बताया कि रास्ते में तेज झटके के साथ बेसुध हो गए। उसके बाद होश नहीं आया। इसी तरह फतेहपुर जिले के जहानाबाद निवासी 64 वर्षी शेखू को उनके परिजन गंभीर स्थिति में बुधवार दोपहर 3.47 बजे एलएलआर इमरजेंसी लेकर आए थे। उनकी आंखें भी पटल गईं थीं। शरीर में पानी की कमी होने से किडनी फेल्योर में चले गए थे। इमरजेंसी में चेकअप के दौरान हार्ट अटैक पड़ने से दम तोड़ दिया।

इमरजेंसी की मेडिसिन यूनिट में 83 भर्ती

एलएलआर अस्पताल के इमरजेंसी की मेडिसिन यूनिट में बुधवार सुबह से देर रात तक 83 मरीज भर्ती हुए। मेडिकल कालेज की उप प्राचार्य एवं मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रो. रिचा गिरि ने बताया कि बारिश में मौसमी बीमारियों व वायरल इंफेक्शन बढ़ गया है। मेडिसिन के वार्डों के 225 वार्ड में 260 मरीज भर्ती हैं। वार्ड 12 एवं वार्ड 14 में एक बेड पर दो-दो मरीज भर्ती करने पड़े हैं। गंभीर स्थिति में आ रहे मरीजों को लौटाया नहीं जा सकता है।

वायरल में लापरवाही बरतने से गंभीर स्थिति हो रही है। ऐसे मरीजों के शरीर में पानी की कमी जानलेवा साबित हो रही है। कई ऐसे मरीज हैं, जो इमरजेंसी में मृत अवस्था में लाए जा रहे हैं।

– प्रो. आरके मौर्या, प्रमुख अधीक्षक, एलएलआर अस्पताल।

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