सिस्टम बता देगा कि किस ट्रक में क्या माल आ जा रहा है

कानपुर। पान मसाला, सुपाड़ी और इसकी पैकेजिंग के मैटेरियल पर शुक्रवार से वाणिज्य कर विभाग अपना अभियान शुरू कर देगा। इस अभियान में मुख्य हथियार टोल प्लाजा होंगे, जो ट्रक के नंबर सिस्टम तक पहुंचाएंगे और सिस्टम बता देगा कि किस ट्रक में क्या माल आ जा रहा है।

पान मसाला कारोबार अचानक फिर कर संग्रह करने वाले विभागों की नजर में चढ़ गया है। दिल्ली में पैकेजिंग कंपनी पर कार्रवाई के बाद पान मसाला कारोबार पर नजर रखी जा रही है। वाणिज्य कर विभाग 20 अगस्त से 19 सितंबर तक इसके खिलाफ अभियान चलाएगा। सचल दल और विशेष अनुसंधान शाखा के सभी अधिकारियों को इसके लिए लगा दिया गया है। जहां सड़कों पर इनके वाहनों की जांच होगी वहीं जो ट्रक माल बाहर से आ रहे होंगे या यहां से जा रहे होंगे, उनकी पकड़ टोल प्लाजा से की जाएगी।

इसमें टोल प्लाजा से वाणिज्य कर अधिकारियों को ट्रकों का नंबर मिल जाएगा। यह नंबर वाणिज्य कर विभाग के सिस्टम पर आते ही वह उस ट्रक के नंबर पर जेनरेट हुए ई-वे बिल को अधिकारियों के सामने ला देगा। इससे अधिकारियों को आसानी से पता चल जाएगा कि ट्रक में क्या माल है और वह मौके पर पहुंच कर ट्रक को पकड़ लेंगे। ट्रक किस किस टोल प्लाजा से होकर आया, उसकी जानकारी भी अधिकारियों को हो जाएगी। यह भी पता चलेगा कि माल कहां से आ रहा है। वाणिज्य कर अधिकारियों को अगले एक माह पान मसाला कारोबार से जुड़ी सामग्री के सभी ट्रकों की जांच कर उनके ई-वे बिल भी सत्यापित करने हैं ताकि उनका दोबारा इस्तेमाल न हो। कई बार कारोबारी एक ही ई-वे बिल पर दो बार माल भेजकर कर अपवंचना करते हैं।

कानपुर किराना मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष अवधेश बाजपेई ने कहा कि जो ईमानदार कारोबारी हैं, उनके यहां अगर सर्वे या छापे की कार्रवाई की गई तो किराना कमेटी विरोध करेगी। वाणिज्य कर विभाग का कार्य है कि वह कर अपवंचना रोके। कर अपवंचना करने वालों पर कार्रवाई में कमेटी कुछ नहीं कहेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *