आधुनिकता के दौर में भी ग्रामीण क्षेत्र में अंधविश्वास हावी है

फर्रूखाबाद। आधुनिकता के दौर में भी ग्रामीण क्षेत्र में अंधविश्वास हावी है। सर्पदंश से महिला की मौत हो गई, लेकिन स्वजन उसे जिंदा कराने के लिए तांत्रिक के पास ले गए। 32 घंटे तक अनुष्ठान चला। जब स्वजन को संगीता की मौत का भरोसा हुआ तो उन्होंने मुआवजा के लिए पोस्टमार्टम कराने को पुलिस को सूचना दी। कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव छतरई निवासी संगीता उर्फ प्रियंका को बुधवार सुबह घर में सांप ने डस लिया था। महिला के अचेत होने पर स्वजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद महिला को लोहिया अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया।

वहां पर संगीता को मृत घोषित कर दिया गया था, लेकिन स्वजन संगीता को मृत मानने को तैयार नहीं हुए। वह संगीता को जनपद एटा के कस्बा अलीगंज में एक तांत्रिक के पास ले गए। तांत्रिक ने कुछ उपाय कर भरोसा देकर भेज दिया। जब कोई चमत्कार नहीं हुआ तो स्वजन शमसाबाद क्षेत्र में ढाई घाट के पास एक गांव के तांत्रिक के पास ले गए। वहां भी अनुष्ठान के बावजूद कोई सफलता नहीं हुई। फिर स्वजन संगीता का शव घर ले आए। मृत महिला का मायका बंगाल में है, वहां से मोबाइल पर परामर्श लेकर गांव में उसके शव के चारों ओर कपड़े बांधकर एक और अनुष्ठान किया गया। जब कोई सफलता न मिली तो संगीता को मृत मानकर स्वजन ने मुआवजे के लिए संगीता का पोस्टमार्टम कराने को पुलिस को सूचना दी।

गांव में अक्सर होता है ऐसा कारनामा : क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि यहां पर लोगों में इतना अंधविश्वास है कि इस तरह की घटनाएं अक्सर देखने को मिल जाती है। सांप काटने पर डाक्टर ने पास जाना ही बेहतर होता है, लेकिन अंधविश्वासी लोग बाबा के चक्कर में पड़कर जिंदगी खतरे में डाल लेते हैं।

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