उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा संघ मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री को ज्ञापन

 

 

कानपुर, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष हरिश्चंद्र दीक्षित के नेतृत्व में 16 सूत्री मांगों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं शिक्षा मंत्री गुलाब देवी को ज्ञापन सौपा हरिश्चंद्र दीक्षित ने बताया उत्तर प्रदेश के माध्यमिक शिक्षक अपनी दीर्घकालीन समस्याओं पर विभाग एवं शासन से वार्ता द्वारा समाधान कराने का प्रयास करते रहते हैं, जिन समस्याओं पर विभाग एवं शासन द्वारा निर्णय लिया जाना सम्भावित है, उन्हे लिपिबद्ध करके प्रान्तीय राज्य परिषद की बैठक में लिये गए निर्णय के अनुसार संगठन माँगों की पूर्ति हेतु शासनादेश निर्गत करने की माँग करता है।प्रमुख समस्यायें उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अधिनियम एवं नियमावली में पूर्व में चयनबोर्ड नियमावली में प्राविधानित पदोन्नति की धारा-12, प्रधानाध्यापकों /प्रधानाचार्यों की तदर्थ पदोन्नति की धारा-18 तथा दण्ड की धारा-21 को समाविष्ट किया जाये। कोरोनाकाल में स्थगित किया गया 18 माह का महँगाई भत्ता अवमुक्त किया जाये।सी०टी० से एल०टी० समविलियन से सम्बन्धित संगठन की याचिका सं० 5634/2013 में पारित निर्णय का अनुपालन करते हुए सी०टी० शिक्षकों को लाभ प्रदान किया जाये।वित्तविहीन शिक्षकों एवं कर्मचारियों को न्यूनतम रू0 15000/- शिक्षको को और रू0 10,000/- कर्मचारियों को कोषागार से भुगतान किया जाये। माध्यमिक शिक्षा परिषद की पारिश्रमिक दरों को केन्द्रीय शिक्षा बोर्ड की दरों के

समकक्ष पारिश्रमिक दरों की वृद्धि की जायें।

अध्यापकों को एल०टी० वेतनक्रम से प्रवक्ता वेतनक्रम में पदोन्नतियाँ सुनिश्चित की जाये प्रधानाध्यापकों / प्रधानाचार्यों को प्रधानाध्यापक / प्रधानाचार्य का वेतन अनुमन्य किया जाये।

अध्यापकों/कर्मचारियों की सेवानिवृत्त आयु 65 वर्ष की जाए।शिक्षा सत्र जुलाई से जून परिवर्तित किया जाए।माध्यमिक विद्यालयों में कम्प्यूर शिक्षकों की नियुक्ति की जाए तथा व्यनसांगिक शिक्षकों को विनियमित किया जाए। मा०ज०पा० शासन में मा० मुख्यमंत्री के कार्यकाल में नियुक्त विषय विशेषज्ञों को पुरानी पेंशन का विकल्प चुनने की सुविधा प्रदान की जाए।माध्यमिक विद्यालयों में विद्युत बिलों का घरेलू उपक्रम के अनुसार बिल का भुगतान कराया जाए।अलंकार योजना के अन्तर्गत प्रबन्धकीय अंश 25 प्रतिशत के स्थान पर 5 प्रतिशत किया जाए।

अध्यापकों को राज्य कर्मचारियों की भाँति कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाए।पेशनर्स को पाँच वर्ष की अवधि में अनुपातिक दृष्टि से पेशन वृद्धि की जाए। 30 जून 2006 से 30 जून 2015 तक सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों कर्मचारियों को एक वेतनवृद्धि जोड़कर पेंशन निधर्धारित करने में अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में यह सुविधा प्रदान की जाए। ज्ञापन के दौरान

शिवाकान्त ओझा प्रांतीय संरक्षक,हरिश्चन्द्र दीक्षित प्रांतीय अध्यक्ष शैलेन्द्र दत्त शुक्ल प्रान्तीय महामंत्री,अरूण कुमार बाजपेई प्रान्तीय कोषाध्यक्ष, उपस्थित हुए!

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