कानपुर। कोरोना की दूसरी लहर के कारण करीब पांच माह से बंद चल रहे कक्षा छह से आठ तक के स्कूल मंगलवार से खुल जाएंगे। राजकीय शोक के कारण सोमवार को खुलने वाले विद्यालय एक दिन बाद खुल रहे हैं। कक्षा संचालन की तैयारी पूरी कर ली गई है। कोरोना की गाइड लाइन के साथ कक्षा संचालन का आदेश दिया गया। वैश्विक महामारी के कारण वर्ष 2020 से ही पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कोरोना की दूसरी लहर के कारण नए सत्र में एक दिन भी अभी तक विद्यालय नहीं खुले पाए थे। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत मोहल्ला क्लासेज के अलावा आनलाइन शिक्षा की व्यवस्था चल तो रही थी, लेकिन किताबों की उपलब्धता न होने और अधिकांश छात्रों के पास स्मार्ट फोन या कंप्यूटर या इंटरनेट कनेक्शन न कारण शिक्षण कार्य बाधित हो।
नौवीं से 12वीं की कक्षाएं 16 अगस्त से संचालित होने लगी थीं। अब मंगलवार से छठवीं से आठवीं तक के छात्र भी स्कूल जाएंगे। सरकारी स्कूलों में सारी तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। जबकि निजी स्कूलों में प्रधानाचार्यों ने बच्चों को एक-एक दिन छोड़कर बुलाया है। निजी स्कूलों में छात्रों को यह विकल्प भी दिया गया है, कि अगर वह स्कूल नहीं आना चाहते हैं तो वह घर से पढ़ाई कर सकते हैं। स्कूलों में सैनिटाइजेशन का काम हो चुका है, और छात्रों को छह-छह फीट की दूरी पर बैठाने की तैयारी है। बीएसए डा.पवन तिवारी ने कहा कक्षाओं के संचालन को लेकर सारी तैयारियां पूरी हैं। किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आएगी, अभिभावकों को अगर अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजना है तो वह ऑनलाइन का विकल्प भी चुन सकते है।
ओंकारेश्वर सरस्वती विद्या निकेतन स्कूल के प्राचार्य राम मिलन सिंह ने बताया, मंगलवार से हम लोग अभी नौवीं की क्लासेज को शुरू करने का फैसला किया है। छठी से आठवीं की क्लास बुधवार से शुरू होगी क्योंकि अभी सिर्फ 40 फीसदी अभिभावकों ने सहमति दी है। संख्या के आधार पर ही शिफ्ट तय की जाएगी, अभी सिर्फ ऑनलाइन क्लास लगेगी। ऐसा ही कुछ शहर के अन्य प्राइवेट स्कूलों के साथ देखा गया। हुड्दर्द स्कूल के प्रंसिपल केवी विंसेंट ने बताया, मैनेजमेंट ने यह फैसला लिया है कि हम लोग स्कूल 1 सितम्बर से स्कूल खोलेगे। मंगलवार को देर रात तक चली अभिभावकों के साथ मीटिंग में ुणो यहां के कोविड प्रोटोकॉल के बारे में बताया गया, जिसके बाद भी नहीं पेरेंट्स को तीसरी लहर का डर लगा हुआ है। हम लोगों ने उनको बताया कि हमारा स्कूल पूरी तरह से क्लास शुरू करने के लिए तैयार है।
क्लास में सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन रह सके इसके लिये कई स्कूलों ने दो शिफ्ट में स्टूडेंट्स को बुलाने का निर्णय लिया है। जबकि कुछ स्कूलों में हर क्लास में आधे बच्चें ही बुलाये गये है। इन स्कूलों ने तय किया है कि बच्चों को अल्टरनेट ही बुलाया जाएगा। मतलब एक दिन ऑनलाइन क्लास रहेगी जबकि एक दिन स्कूल के क्लास में बच्चों को पढ़ाया जायेगा। पनकी के वीरेंद्र स्वरूप मेमोरियल स्कूल में क्लास छटवी से नवीं के बच्चों को अलटरनैट डे मई स्कूल क्लास के लिए बुलाया जाएगा। बाकी बच्चा ऑनलाइन क्लास में पड़ेगा।
अधिकतर स्कूल मंगलवार को खुल रहे है, लेकिन जो बड़े निजी स्कूल है उन्होने स्कूल खोलने का जिम्मा मैनेजमेंट और पैरेंट्स के ऊपर छोड़ दिया है । डीपीएस कलयनपुर कि प्रिन्सिपल अर्चना निगम ने कहा, हम लोगों ने दोनों विकल्प खुले रखे है, जिन अभिभावकों को अपने बच्चों को स्कूल भेजना है वह यह विकल्प चुन सकते है बाकी लोग ऑनलाइन का विकल्प चुन सकते है। ऐसा ही कुछ आर्मी स्कूल और एयरफोर्स स्कूल के साथ भी है।
