कानपुर के सरसौल कस्बे में बुधवार शाम पौत्र ने अपने 92 वर्षीय दादा की गोली मारकर हत्या कर दी। बचाने का प्रयास करने पर चचेरे भाई की भी हत्या की कोशिश की लेकिन फायर मिस हो गया। तब उसने पत्थर से वार कर उसको घायल कर दिया और फरार हो गया। पुलिस ने घायल का प्राथमिकी उपचार कराया। पुलिस का दावा है कि पैसों की खातिर आरोपी ने वारदात को अंजाम दिया। एफआईआर दर्ज कर आरोपी की तलाश हो रही है।
सरसौल कस्बा निवासी शत्रुघन सिंह उर्फ सत्तन परचून की दुकान चलाते थे। वह बुधवार शाम करीब साढ़े चार बजे अपने पौत्र मुदित के साथ बैठे हुए थे। तभी उनका दूसरा पौत्र (मझले बेटे का बेटा) 20 वर्षीय देवेंद्र उर्फ चुन्नू वहां आया। दोनों हाथों में लिए दो तमंचे दादा पर तान दिए। एक का ट्रिगर दबाया। फायर मिस होने पर दूसरे तमंचे से उनको गोली मार दी। गोली सीधे सिर में जा लगी। उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
मुदित ने बचाने का प्रयास किया तो उस पर तमंचा तान फायर करने का प्रयास किया लेकिन दोबारा फायर मिस हो गया। इस दौरान उसने मुदित के सिर पर पत्थर मार जख्मी कर दिया। महाराजपुर एसओ राघवेंद सिंह ने बताया कि आरोपी देवेंद्र पर हत्या समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश की जा रही है। जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
पैसों के बंटवारे के लिए खून के रिश्ते ने किया कत्ल
पुलिस की जांच में अब तक सामने आया है कि कुछ समय पहले शत्रुघन ने 50 लाख रुपये की एक प्रॉपर्टी बेची थी। देवेंद्र उसमें हिस्सा मांग रहा था। इसको लेकर काफी दिनों से विवाद चल रहा था। विवाद इतना बढ़ा कि बुधवार को खून के रिश्ते ने ही कत्ल कर दिया। एसओ ने बताया कि आरोपी का मोबाइल ऑफ है। गिरफ्तारी के लि तीन टीमें गठित की गई हैं।
कुछ देर पहले कहासुनी हुई, दोबारा आया और मार दिया
मुदित ने पुलिस को बताया कि वारदात से करीब डेढ़ घंटे पहले देवेंद्र दुकान पर आया था। पैसों की मांग करने पर दादा से कहासुनी हुई थी। उसने जान से मारने की धमकी भी दी थी। मगर मुदित व सत्तन को यकीन नहीं था कि वह हत्या कर देगा। पुलिस को घटनास्थल से एक तमंचा बरामद हुआ है। पुलिस पास में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाल रही है।
