कानपुर
विधायक नसीम सोलंकी पर टूटा मुश्किलों का पहाड़, कोर्ट ने जारी किया नोटिस
विधायक बनने के बाद नसीम सोलंकी पर टूटा मुश्किलों का पहाड़, सीसामऊ से नवनिर्वाचित विधायक नसीम सोलंकी के खिलाफ वनखंडेश्वर मंदिर में जल चढ़ाने को लेकर परिवाद दायर किया गया है।
आरोप ये है कि उन्होंने जानबूझकर हिंदू धर्म की भावनाओं को ठेस पहुंचाई। कोर्ट ने नोटिस जारी कर सोलंकी को अपना पक्ष रखने का मौका भी दिया है। अगली सुनवाई 20 दिसंबर को होगी। यह वाद धीरज चड्ढा की ओर से जेएम अष्टम की कोर्ट में सोमवार को परिवाद दाखिल किया गया।स्वरूप नगर के आश्रय अपार्टमेंट निवासी धीरज चड्ढा की ओर से जेएम अष्टम की कोर्ट में सोमवार को परिवाद पर मुख्य रूप से दाखिल किया गया। कहा गया कि वह अक्सर सीसामऊ वनखंडेश्वर मंदिर दर्शन पूजन करने जाते हैं।आरोप लगाया कि दो नवंबर की दोपहर दो बजे वह चुनाव के लिए भाजपा का प्रचार प्रसार करते हुए मंदिर में दर्शन करने के लिए रुके तो देखा कि सपा प्रत्याशी नसीम सोलंकी जो धर्म से मुस्लिम हैं, मांस मछली का सेवन करती हैं, कभी दर्शन करने मंदिर भी नहीं जाती हैं।उन्होंने जनता को गुमराह करने के आशय से हिंदू धर्म के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए बिना हाथ पैर-धोए अपने साथियों के साथ मंदिर में प्रवेश किया और शिवलिंग को स्पर्श करते हुए जल भी चढ़ाया। वहां उपस्थित लोगों ने रोका तो नसीम सोलंकी और उनके साथ आए लोग लड़ने पर अमादा भी हो गए।मिली जानकारी के अनुसार, यंग लायर्स एसोसिएशन के महामंत्री रतन अग्रवाल और सुनील राठौर ने बताया कि बीएनएस की धारा 298 के तहत कोर्ट में प्रार्थना पत्र भी दिया गया है। इसमें दोषी पाए जाने पर अधिकतम दो वर्ष की सजा और पांच हजार रुपये जुर्माने का प्रविधान भी है। नए कानून की व्यवस्था के तहत नोटिस जारी कर विधायक को भी पक्ष रखने का अवसर भी दिया गया है।
