कानपुर

 

बांग्लादेशी हिन्दू रक्षा संघर्ष समिति ने हिंदुओं से एकजुट होने का किया आह्वाहन, आगामी 10 दिसंबर को बड़ा चौराहा पर हजारों की संख्या में एकत्र होने का दिया बुलावा

 

बांग्लादेशी हिन्दू रक्षा संघर्ष समिति कानपुर महानगर के तत्वाधान में आज सिविल लाइंस स्थित एक होटल में ही प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए पनकी हनुमान मंदिर के महंत जितेंद्रदास जी महाराज, व अरुण पुरी जी महाराज ने बताया कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार से समस्त हिन्दू समाज आहत है । उन्होंने आह्वाहन किया है कि आगामी 10 दिसंबर को कानपुर के बड़ा चौराहा पर समस्त हिन्दू सामाजिक संगठनों से जुड़े हिंदुओं को हजारों की संख्या में एकत्र हो कर अपनी एकता को दिखाना अति आवश्यक हो गया है । इसके अलावा उन्होंने वैश्विक मानवाधिकार संगठन से भी इस मामले में हस्तक्षेप कर मानवता के तहत हिंदुओं के मानवाधिकार की सुरक्षा की मांग करी है ।

आपको बता दें कि सिविल लाइंस स्थित एक होटल में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए पनकी हनुमान मंदिर के महंत जितेंद्रदास जी महाराज, अरुण पुरी जी महाराज, रमाकांत जी महाराज, बाबा आनंदेश्वर मन्दिर के पूज्य महंत अरुण भारती जी महाराज ने कहा कि, आतंकवादियों के मानवाधिकार का हनन तो सभी को दिखाई दे रहा है लेकिन किसी भी संगठन को बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार नहीं दिखाई दे रहे है । विश्व के मानवाधिकार के झंडा अलंबरदारों को बांग्लादेश के अल्पसंख्यक हिन्दुओं पर हो रहे अमानवीय अत्याचार की तरफ ध्यान आकर्षित करना और निर्माता के शिकार हिंदुओं को न्याय दिलाना ही उनका मुख्य मकसद है, याकूब मेनन जैसे आतंकवादियों की सजा टलवाने को आधी रात को सुप्रीम कोर्ट खुलवाने वाले तथाकथित बुद‌धिजीवियों को बांग्लादेश में हिन्दू महिलाओं पर हो रहे घृणित अत्याचार नहीं दिखाई दे रहे है। बांग्लादेश के अंदर जिस प्रकार से हिंदू संस्कृति के मानबिंदुओं हिंदू देवालयों पर अप्रत्याशित हमले हो रहे हैं वह अत्यंत चिंताजनक है।बांग्लादेश में शांतिपूर्ण प्रदर्शनों में हिंदुओं का नेतृत्व कर रहे इस्कॉन के सन्यासी चिन्मय कृष्ण दास प्रभु जी को बांग्लादेश की कार्यवाहक सरकार ‌द्वारा षडयंत्रपूर्वक अलोकतांत्रिक तरीके से गिरफ्तार करना, न्यायपालिका ‌द्वारा इसको संज्ञान में नहीं लिया जाना, स्वामी चिन्मय कृष्ण प्रभु दास जी के वकील रमेन रॉय को मरणासन्न किया जाना, उनकी आवाज को दबाने की कुचेष्टा करना अलोकतांत्रिक व अमानवीय है तथा हिंदू समाज के मानवाधिकारों का हनन भी है बांग्लादेश में जो घटनाक्रम चल रहा है उसमें वामपंथियों ‌द्वारा वहां की कार्यवाहक सरकार द्वारा पोषित इस्लामिक तत्वों के साथ मिलकर वहां के हिंदू समाज का दमन किया जा रहा है। यह दुर्भाग्य की बात है कि पूरे विश्व समुदाय ने, वैश्विक संगठनों ने इस घटनाक्रम पर जितनी चिंता व्यक्त करनी चाहिए थी, जैसी रोक लगनी चाहिए थी वैसी रोक नहीं लगाई है।उनकी मांग है कि वैश्विक संगठन, मानवाधिकार संस्थाएं इन सब घटनाओं को अपने संज्ञान में लेते हुए बांग्लादेश सरकार के ऊपर दबाव बनायें कि हिंदुओं के ऊपर उत्पीड़न व अत्याचार एवं देवालयों को लक्षित करके निशाना बनाए जाने की घटनाओं को तत्काल रोके और तुरंत प्रभाव से इस्कॉन के मुख्य पुजारी श्री चिन्मय कृष्ण दास प्रभु जी की तत्काल रिहाई की जाए।बांग्लादेशी हिन्दू रक्षा संघर्ष समिति कानपुर महानगर सभी हिन्दू संगठनों से यह आह्वाहन करती है कि वह अपने अपने बैनर तले आ कर आगामी 10 दिसंबर को बड़ा चौराहा पर एकत्रित हों और हिन्दू एकता पर उठ रहे सवालों का मुंहतोड़ जवाब दें

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