कानपुर
फूट-फूटकर रोए पिता, बोले- जान नहीं दे सकता हमारा बेटा
कानपुर: ‘हमें बिल्कुल भी भरोसा नहीं हो रहा है कि मेरा बेटा कभी जान दे देगा. पता नहीं, उसने ऐसा क्यों किया? घर पर तो सब कुछ ठीक था. मेरा बेटा चला गया, जो अब कभी वापस नहीं आएगा. वह मेरी सबसे बड़ी ताकत था.’यह दर्द उस पिता का है, जिसका IIT में पढ़ने वाला बेटा अब नहीं रहा. IIT कानपुर में पीएचडी स्कॉलर अंकित यादव ने जान दे दी. आत्महत्या से पहले छोड़ा गया नोट भी मिला है. इसमें लिखा है- ‘मैं क्विट कर रहा हूं. यह मेरा फैसला है.’ लेकिन बेटे के लिए ढेरों सपने सजाने वाले पिता राममूरत यादव का आंसू इसलिए नहीं थम रहे क्योंकि बेटे ने कभी किसी परेशानी का उनसे जिक्र तक नहीं किया था. आईआईटी कैंपस पहुंचे राममूरत होनहार बेटे के गम में फूट-फूटकर रोए. अंकित की मौत की सूचना पर उसके परिजन सोमवार देर रात नोएडा से कानपुर IIT कैंपस पहुंचे. यहां टीचर्स, स्टूडेंट और पुलिस ने पिता को ढांढस बंधाया लेकिन उनके आंसू नहीं थमे. थाना प्रभारी कल्याणपुर सुधीर कुमार ने बताया कि कुछ देर में अंकित का पीएम होगा. वहीं, IIT कानपुर के प्रशासनिक अफसरों ने मंगलवार सुबह कई छात्रों से अंकित के मामले पर बातचीत की. पता चला है कि अंकित को मानसिक तनाव था. हालांकि, वह बात कौन सी थी? इसे लेकर अभी तस्वीर साफ नहीं हो सकी है. पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने अंकित के स्मार्टफोन व लैपटॉप की जांच शुरू कर दी है.IIT कानपुर में पीएचडी रिसर्च स्कॉलर अंकित यादव ने अपने कमरे में जान दे दी थी. जब अंकित के दोस्त मिलने के लिए हॉल नंबर 7 में अंकित के रुम पर पहुंचे, तो काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला. जब दरवाजा खुला तो दोस्तों ने देखा कि अंकित की मौत हो चुकी है. बिना देरी किए दोस्त अंकित को लेकर IIT मेडिकल केयर सेंटर पहुंचे. जहां, डॉक्टर्स ने अंकित को मृत घोषित कर दिया.अंकित के कमरे से पुलिस को एक कागज मिला है. उसमें अंकित ने लिखा था- मैं क्विट कर रहा हूं और ये मेरा अपना फैसला है. पुलिस ने फोरेंसिक टीम के पास भेज दिया है. फोरेंसिक टीम के सदस्य अब सुसाइड नोट की राइटिंग और अंकित द्वारा तैयार करे गए नोट्स की राइटिंग का मिलान करेंगे. एडीसीपी पश्चिम विजयेंद्र द्विवेदी ने कहा कि अंकित ने अपने सुसाइड के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया. अगर परिजन किसी तरह की तहरीर देंगे, तो मुकदमा दर्ज कर जांच कराई जाएगी.