विदेश में 5 लाख महीने का पैकेज छोड़कर IPS बनीं अंजलि; महिला दिवस पर युवाओं को दिया यह खास मैसेज

 

कानपुर : अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर हम उन महिलाओं के बारे में बता रहे हैं, जिन्होंने लीक से हटकर अपना अलग मुकाम बनाया. इन्हीं में से एक हैं कानपुर में पोस्टेड IPS अंजलि विश्वकर्मा. यूपी के तेज तर्रार आईपीएस में गिनी जाने वाली अंजलि कानपुर में एडिशनल डीसीपी साइबर क्राइम के पद पर तैनात हैं. इनकी चर्चा इसलिए क्योंकि अंजलि ने विदेश में मिल रहे लाखों के पैकेज को छोड़कर देश सेवा का यह काम चुना. अंजलि बताती हैं कि महिलाओं को सबसे ज्यादा अपनी पढ़ाई और फानांसियल सिक्योंरिटी के बारे में सोचना चाहिए।अंजलि विश्वकर्मा ने बताया कि, वह मूलरूप से देहरादून की रहने वाली हैं. उनका जन्म 11 जुलाई 1993 को हुआ. बचपन से ही उन्हें पढ़ने का काफी शौक था. वह अच्छी विद्यार्थी रही हैं. 2011 से 2015 तक उन्होंने आईआईटी कानपुर से पढ़ाई की. इसके बाद उन्हें 2018 तक यूएस आधारित एक ऑयल कंपनी में जॉब किया. वहां पर उनकी सैलरी करीब 4 से 5 लाख रुपए प्रति माह थी. जॉब के सिलसिले में वह मलेशिया, सिंगापुर और न्यूजीलैंड जैसे देशों में आती-जाती रहीं.इतना सब होने के बाद भी उनका मन अपने देश से ही जुड़ा रहा. देश प्रेम और समाज को कुछ देने का जज्बा, उन्हें भारत ले आया. भारत लौटकर यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी शुरू की. उन्होंने यह भी तय किया कि तैयारी के दौरान होने वाले अपने खर्च की जिम्मेदारी भी वह खुद उठाएंगी. उन्होंने पैसे जोड़े और यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी.अंजलि विश्वकर्मा ने बताया कि, पहला प्रयास उन्होंने 2019 में किया, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी. इसके बाद 2020 में दोबारा प्रयास किया. इस बार आईपीएस और इंडियन फॉरेस्ट सर्विस दोनों के लिए उनका चयन हो गया. उन्होंने आईपीएस बनने का ही रास्ता चुना. 2021 में उनका बतौर आईपीएस सेलेक्शन हो गया. अंजलि कहती है कि उन्हें बचपन से ही परिजनों का सहयोग मिला. उनके परिवार में शुरू से ही महिलाओं को बढ़ावा दिया गया. इसी वजह से वे कामयाब हो पाईं.अंजलि विश्वकर्मा ने बताया कि उन्हें बुक रीडिंग, पेंटिंग के साथ-साथ ड्रम बजाने का शौक है. जब भी उन्हें समय मिलता है, ड्रम बजाती हैं. इस काम से उन्हें काफी ज्यादा खुशी मिलती है. वह अपनी फिटनेस को लेकर भी काफी ज्यादा ध्यान रखती है. इसलिए रूटीन एक्सरसाइज नहीं भूलती हैं. वो कहती हैं कि जीवन में चैलेंज काफी पसंद है. बतौर आईपीएस उन्हें जो चैलेंज मिलते हैं, उनका सामना वह पूरी हिम्मत और जोश से करती हैं. IPS अंजलि ने बताया कि उनका कोई भी रोल मॉडल नहीं है. उनके साथ जो दोस्त तैयारी कर रहे थे, उनसे ही उन्हें प्रेरणा मिलती रही. आज वह अपने काम के जरिए आम जनमानस की मदद कर रही हैं. उन्होंने महिलाओं को संदेश देते हुए कहा कि महिलाओं को अपने हक के लिए आज सारी बंदिशें तोड़कर, उस काम को करना चाहिए, जिसे वह करना चाहती हैं. आज के समय में हर महिला को अपनी पढ़ाई के साथ ही आर्थिक सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए. आज के समय में महिला कमजोर नहीं, बल्कि सशक्त है. इसीलिए हमारा देश भी मजबूत है. अंजलि विश्वकर्मा ने बताया कि, जो भी युवा यूपीएससी परीक्षाओं की तैयारी करना चाहते हैं या फिर किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करना चाहते हैं, उन्हें अपना लक्ष्य निर्धारित करना होगा. सोशल मीडिया का उपयोग उन्हें अपनी पढ़ाई से जुड़ी हुई जानकारी के लिए करना चाहिए. जीवन की प्राथमिकताएं खुद तय करनी होंगी. पूरी लगन और मेहनत के साथ परिश्रम करते रहना है, एक दिन आपको अपने काम में सफलता जरूर मिलेगी.

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