ईश्वर के कई दिव्य स्वरूपों के साथ साक्षात भक्तों ने खेली होली
कानपुर ।छोटी काशी कहे जाने वाले परमट मंदिर परिसर में हर बार की तरह इस बार भी भगवान के साथ फूलों और गुलाल की होली खेली गई। ईश्वर के कई दिव्य स्वरूपों के साक्षात भक्तों ने होली खेलने के अवसर का पूरा लाभ उठाया ।भक्तों ने शिव भगवान, राधा कृष्ण, बांके बिहारी, मां काली के स्वरूपों के साथ होली जमकर होली खेली।लगभग 4 घंटे तक चले इस होली कार्यक्रम में भक्तों ने तो भक्ति रस में डूबी होली का आनंद उठाया ही साथ में मंदिर के महंतों का आशीर्वाद भी प्राप्त किया । जयघोष के साथ बाबा आनन्देश्वर के भक्तों ने एक दूसरे के साथ जमकर होली खेली। फूलों के साथ अबीर गुलाल के रंगों से पूरा मंदिर ब्रजमय हो गया।
बाबा श्री आनन्देश्वर के साथ होली खेलने की परम्परा को कायम रखने वाली संस्था बाबा श्री आनन्देश्वर मित्र मण्डली ने शुक्रवार सुबह मंगला आरती के बाद से लेकर दोपहर तक मंदिर परिसर में जमकर होली खेली। कार्यक्रम की शुरूआत आचार्य पंडित प्रमोद तिवारी, आचार्थ ताराचंद्र आचार्य रवि. आचार्य कमल आदि द्वारा बाबा के अभिषेक से की गयी। इसके बाद मित्र मण्डली ने बाबा आनन्देश्वर के साथ होली खेलने के लिए 200 किलो गुलाब की पंखुड़ी 151 किलो गेंदे की पंखुड़ी 101 किलो बिजली के फूल के साथ 200 किलो अबीर व गुलाल 500 ग्रांम बेलें का कन्नौजी इत्र का बंदोबस्त किया गया था। फूलों की होली के साथ ही अबीर व गुलाल के रंगों से पूरे शिववालय में सतरंगी छटा बिखर गयी। बाबा के साथ होली खेलने की अद्भुद छटा देखते ही बन रही थी। भक्तों ने परिसर में ही एक दूसरे के साथ जमकर होली खेली।
बाबा श्री आनन्देश्वर मित्र मंण्डली ने इस बार नगर व प्रदेश के कलाकारों द्वारा झांकियों का आयोजन किया जिसमें ‘तेरी जय हो गणेश गीत पर गणेश वन्दना पेश कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया इसके बाद कलाकारों द्वारा राधा-कृष्ण के साथ रंग डाले कन्हैया रंग डाले गीत पर भक्तों के साथ फूलों की होली का आनंद उठाया। भक्ती गीतों पर बाबा के भक्त थिरकने पर मजबूर हो गये। जब शिव भगवान के साथ मसाने पर होली खेलने का गीत बजा तो पूरा शिवालय बाबा की भक्ती से सराबोर हो उठा फिर लहराते हुये बजरंगबली ने जब झण्डा लहराया तो भक्त खुशी से जयकारें करने लगे।
बाबा श्री आनन्देश्वर मन्दिर के महत वशिष्ठ गिरी महराज कोठारी, अरूण भारती, विवेकपुरी महराज थाना पट्टी, तनपुरी महराज, महराज प्रधान पुजारी शसंजय मिश्रा. अनूप पुजारी, अजय पुजारी, के०के० तिवारी एवं मण्डली के सदस्य व शिव भक्त मंत्रमुग्ध होकर ढोल व बैंड की थाप पर जमकर भांगडा नाच कर रहे थे।
मण्डली के संयोजक अभय मिश्र ‘सुधीर ने बताया कि विगत 31 वर्षों से बाबा श्री आनन्देश्वर मित्र मण्डली के द्वारा बाबा के भक्त होली यानी परेवा के दिन बाबा संग गुलाल एवं फूलों से निराली होली खेलते है, और अनुराधा नक्षत्र यानि गंगा मेल के दिन भक्तों के साथ रंग की होली खेलकर ठंडाई का वितरण किया जाता है। मित्र मंण्डली का बाबा के संग होली खेलने का यह 31वां वार्षिक उत्सव है। होली खेलने के बाद भक्तों को मंण्डली की ओर से गुझिया, ठण्डाई व लड्डू का वितरण किया गया। श्री मिश्र ने बताया कि बाबा के भक्त बाबा के शिवाय किसी अन्य से होली नहीं खेलते है। इसके लिए मण्डली के सभी सदस्य संकल्पबद्ध है।
बाबा श्री आनन्देश्वर के अजय पुजारी मीडिया प्रभारी ने बताया कि पिछले 11 वर्षों से सजीव झांकी कीवजह से भक्तों की उपस्थित बहुतायत होने लगी है, छोटी काशी कहा जाने वाला बाबा श्री आनन्देश्वर धाम ब्रजमय हो जाता है। अजय पुजारी जी ने बताया कि इस बार सजीव झांकी बाबा के दरबार के सामने गंगा की ओर किया गया है जिससे बढ़ती हुयी भीड़ को सुगमता पूर्वक झांकियों के दर्शन हो सके और भक्त होली एवं सजीव झांकियो का आनंद ले सके।
इस अवसर पर होली खेलने वाले मुख्य रूप से मंदिर के महल व पुजारियों के साथ अभय मिश्रा ‘सुधीर’, दीप चन्द्र दीक्षित, नरेश महेश्वरी,संजीव दीक्षित, राजेन्द्र गुप्त, मोहन चौरसिया, पुनीत अग्रवाल, भूपेन्द्र सिंह,मनोज गुप्ता, अतुल लिवरी, आदर्श गुप्ता, राहुल मिश्रा, कन्हैया गुप्ता, समीर शर्मा, दीपक श्रीवास्तव, सचिन दीक्षित, मनोज जैन, पवन महेश्वरी, आलोक शुक्ला, नरेन्द्र पाल अरोरा, मुनेश दत्त अवस्थी, दिलीप सिंह, राजकुमार गुप्ता, अजय पारिख, आशीष गुप्ता, महेश गुप्ता, नवीन अरोड़ा, सोनू अरोड़ा, अनूप शर्मा के अलावा ऊषा अरोड़ा, रति मिश्रा, किरन गुप्ता, रूबी अवस्थी, मीरा मिश्रा, अनीता श्रीवास्तव, सरला सिंह, मीरा गुप्ता, पूजा तिवारी आदि ने होली में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया।
