कानपुर
कानपुर के एक युवक ने गजब कारनामा किया। उसने साइबर ठग को ही ठग लिया। उसे ऐसी कहानी सुनाकर फंसाया कि उसने रुपए दे दिए। ठग अब गिड़गिड़ा रहा है कि पैसा लौटा दो।
कानपुर के भूपेंद्र सिंह को साइबर ठग ने सीबीआई अफसर बनकर फोन किया। कहा- तुम्हारे अश्लील वीडियो मेरे पास हैं। उसने मॉर्फ फोटो-वीडियो भेजे और कहा- तुम्हारे खिलाफ FIR दर्ज हो चुकी है। इससे बचना हो तो पैसे ट्रांसफर कर दो।
भूपेंद्र समझ गया कि यह साइबर ठग फर्जी अफसर बनकर फोन कर रहा है। उसने ऐसी स्क्रिप्ट तैयार की कि ठग ने उसे 10 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए।
ठग को जब पता चला कि भूपेंद्र ने उसे चूना लगा दिया है तो वह गिड़गिड़ाने लगा। भूपेंद्र से कहा- तुमने मेरा ही गला काट दिया। मैंने तुम्हें बहुत बड़ी रकम दी है। तुम समझ नहीं रहे हो, अधिकारी
मुझे हड़काता है। पैसा लौटा दो।
भूपेंद्र सिंह बर्रा के रहने वाले हैं। उन्होंने ग्रेजुएशन तक पढ़ाई की है और प्राइवेट जॉब करते हैं। उन्होंने बताया-6 मार्च को मेरे पास कॉल आई। कॉलर ने खुद को सीबीआई अफसर बताया। कहा- तुम अश्लील वीडियो देखते हो।
फिर उसने मेरे 32 मॉर्फ वीडियो और 48 मॉर्फ फोटो वॉट्सऐप पर भेजे। कहा- तुम्हारे खिलाफ लड़की ने FIR दर्ज कराई है। सीबीआई और पुलिस तुम्हारे घर पहुंच रही है। लेकिन मैं उसकी हरकतों को भांप चुका था। फिर मैंने उसे ही फंसाने का प्लान बनाया।
अंकल, प्लीज मम्मी को न बताइएगा
मैंने उससे कहा- अंकल, प्लीज मम्मी को न बताइएगा। नहीं तो बहुत समस्या हो जाएगी। हालांकि, मेरी मां का निधन हो चुका है। ठग ने मुझसे कहा- अब तो FIR दर्ज हो चुकी है। केस को खत्म करने में 16 हजार रुपए का खर्च आएगा। फिर मैंने उससे कहा कि मैं पैसे का इंतजाम करके बताता हूं।7 मार्च को मेरी एनिवर्सरी थी। उस दिन फिर से ठग का फोन आया। उसने फिर से पैसे मांगे। फिर मैंने कहानी बनानी शुरू कर दी। उससे कहा कि कुछ दिन पहले मैंने घर से एक सोने की चेन चुराई थी, जो मैंने अपने दोस्त के सुनार पिता को दी थी। चेन 40 हजार में बिक जाएगी। मैं वह रुपए आपको दे दूंगा।8 मार्च को मैंने साइबर ठग को बताया कि सुनार मुझे चेन नहीं दे रहा। चेन के बदले में पहले तीन हजार रुपए मांग रहा है। मैं एक छात्र हूं, मेरे पास इतने पैसे नहीं हैं। मेरी मदद करिए। मुझे तीन हजार रुपए दे दीजिए। चेन बेचने के बाद जो पैसा आएगा, मैं आपको दे दूंगा। इस पर ठग ने मुझे तीन हजार रुपए भेज दिए। फिर मैंने 500 रुपए और मंगवाए। इस दौरान मैंने उसे चेन की एक फोटो भेजी।
9 मार्च को साइबर ठग का फिर फोन आया, तो मैंने उसे दूसरी कहानी बताई। कहा- मैं जिस सुनार के यहां चेन बेचने गया था, उसने चेन रख ली है। कह रहा है कि तुम नाबालिग हो। अपने मम्मी-पापा को लेकर आओ। इसके बाद चेन के रुपए दे देगा। आप मेरे पिता बनकर सुनार से बात कर लीजिए। मैंने उससे अपने एक दोस्त से बात कराई। दोस्त के कहने पर ठग ने 4,480 रुपए और ट्रांसफर कर दिए।10 मार्च को साइबर ठग का फोन आया तो मैंने चेन पर गोल्ड लोन लेने की कहानी रची। मैं गोल्ड लोन वाली कंपनी में गया। वहां पर अपने दोस्त से ठग की बात कराई। इस पर दोस्त ने ठग को बताया कि वह चेन रखकर 1.10 लाख रुपए का लोन दिलवा देगा।
प्रोसेसिंग फीस तीन हजार रुपए लगेगी। इस पर ठग ने मुझे 3 हजार रुपए और ट्रांसफर कर दिए। इस तरह से मैं उससे 10 हजार रुपए ले चुका हूं। साइबर ठग ने बातचीत के दौरान बताया कि वह सचेंडी क्षेत्र का रहने वाला है।
