*बिग न्यूज अपडेट*

 

*केस्को ठेकेदार पत्नि ने अपने पति को ही बना दिया था केस्को का संविदा लाईनमैन*

 

*पति को लाईनमैन दिखाकर पूरा फंड सहित ईपीएफ खाता ही हड़प लिया*

 

*चार साल बाद ईपीएफओ ने शुरू की 7A कार्यवाही*

 

दैनिक जागरण कानपुर में प्रकाशित हुई थी खबर

 

*यह है पूरा प्रकरण*

सर्किल द्वितीय केस्को के विद्युत कालोनी गोविन्द नगर अंतर्गत मेसर्स इक्रा ऐजेन्सी द्वारा ठेका लिया गया था जिसमें कार्यरत संविदा लाईनमैन सिर्फ राजेश के नाम पर ईपीएफ मेम्बर आईडी 0000038 पर इक्रा ऐजेन्सी ने केस्को में ईपीएफ ईसीआर दाखिल कर बिल पास कराऐ थे जबकि राजेश का पूरा नाम ईसीआर में नहीं लिखा गया था विद्युत कालोनी गोविन्द नगर केस्को में कार्यरत संविदा कर्मचारी राजेश शर्मा को राजेश यादव ने बताया था कि यह उसका ईपीएफ नंबर है और नंबर पर केस्को ने संविदा लाईनमैन के रेट से इक्रा ऐजेन्सी के बिल पास किए, जो केस्को के अकाउंट अधिकारी ने वेरीफिकेशन करके पास किए!

 

2017 में लघु उद्योग निगम के ठेकेदार द्वारा केस्को में ठेका लेने के बाद उक्त मेम्बर आईडी पर राजेश की जगह इक्रा ऐजेन्सी ठेकेदार कुमुद सिंह ने अपने पति राजेश यादव अंकित कर दिया गया एवं राजेश यादव की सारी डिटेल भी लगा दी गई जो कि केस्को में किसी भी संविदा लाईनमैन के पद पर नहीं था और न ही उसके नाम से कोई बिल केस्को ने कभी पास किया था अब उक्त खाता यून नंबर 100045430845 राजेश यादव के नाम उसकी पत्नी कुमुद सिंह ने जालसाजी से अपने पति राजेश यादव के नाम दर्ज करा दिया अब मेम्बर आईडी सिर्फ राजेश के नाम से बदल कर राजेश यादव के नाम हो गई

वर्ष 2019 में ईपीएफ में सुनवाई के दौरान जब केस्को संविदा लाईनमैन राजेश शर्मा ने अपना ईपीएफ चेक किया तो उसमें सारी डिटेल राजेश यादव की दिखाई दी संविदा लाईनमैन राजेश शर्मा ने जब राजेश यादव से अपना यून नंबर देने को कहा तो राजेश यादव द्वारा बैक डेट 2019 से यून नंबर 100936522529 जनरेट करके राजेश शर्मा को दे दिया गया जबकि राजेश यादव का वर्ष 2019 में केस्को सर्किल द्वितीय में कोई ठेका संचालित नहीं रहा है

 

मेसर्स इक्रा ऐजेन्सी की प्रोपराइटर कुमुद सिंह ने अपने पति राजेश यादव के साथ मिलकर षड्यंत्र के तहत केस्को प्रबंधन से अँधूरे ईसीआर पर बिल पास कराकर न केवल केस्को की क्षवि धूमिल की बल्कि आईपीसी धारा 420,467,468,479 के तहत अपराधिक कृत्य कारित किया है केस्को महामंत्री दिनेश सिंह भोले ने बताया कि चूँकि इस संबंध में उत्तर प्रदेश पॉवर कार्पोरेशन लि० के स्पष्ट निर्देश है कि बिना ईपीएफ वेरीफिकेशन के किसी केस्को ठेकेदार को बिल का भुगतान न किया जाए का खुला उल्लंघन हुआ है एवं केस्को प्रबंधन से भी ठेकेदार कुमुद सिंह द्वारा धोखाधड़ी व जालसाजी की गई है

 

पूर्व प्रबंध निदेशक केस्को श्रीमती रीतू महेश्वरी(आई.ए.एस.) ने मेसर्स नानका इंटरप्राइजेज ठेकेदार राजेश यादव को अनिमितता पाए जाने पर अपने पत्रांक – 1331/एस०टी०पी०/11-12 दिनांक 12/11/2011 को ब्लैकलिस्ट कर दिया था लेकिन कुछ केस्को अधिकारियों की मिलीभगत से पुनः राजेश यादव द्वारा अपनी पत्नी कुमुद यादव मेसर्स इक्रा ऐजेन्सी नाम की नई कंपनी खोलकर ठेका प्राप्त कर लिया गया वर्तमान में भी इनका कई सर्किलों में ठेका चल रहा है

 

मामले में पीडित केस्को संविदा कर्मचारी राजेश शर्मा की ओर से पैरवी कर रहे केस्को महामंत्री दिनेश सिंह भोले ने बताया कि कर्मचारी भविष्यनिधि एक्ट, 1952 के तहत भी केस्को संविदा लाईनमैन राजेश शर्मा का ईपीएफ जमा करने की संम्पूर्ण जिम्मेदारी मुख्य नियोक्ता केस्को प्रबंधन की होती है

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