KDA में अब नहीं सुनना पड़ेगा ‘कल दोबारा आना’, यह सॉफ्टेवयर हल करेगा आवंटियों की घर बैठे सभी समस्याएं

कानपुर विकास प्राधिकरण को लेकर ‘कल दोबारा आना’ की एक कहावत बनी थी लेकिन अब इसके बिल्कुल उलट आवंटियों का काम ए​क क्लिक पर होगा. आवंटियों की सुविधा के लिए केडीए ने नया प्रॉपर्टी मैनेजमेंट सॉफ्टेवयर लॉन्च किया है. इस सॉफ्टवेयर के जरिए आवंटी को घर बैठे सारी सुविधा मिल जाएंगी. इस सॉफ्टवेयर में आवंटी की जमा की गई धनराशि, बकाया से लेकर अन्य सभी जानकारी उसे मिल जाएंगी.बुधवार को उपाध्यक्ष मदन सिंह गर्ब्याल की मौजूदगी में प्रॉपर्टी मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर को लॉन्च किया गया. बताया गया कि जिन कामों को लेकर आवंटी को प्राधिकरण् कार्यालय आना पड़ता था और संबंधित जानकारी को लेकर काफी समय लगता था, वह अब पलक झपकते ही आवंटी को उपलब्ध होगी. इस सॉफ्टवेयर का एक्सेस आनलाइन उपलब्ध होगा. आवंटी को इस सॉफ्टवेयर अपनी लॉग इन आईडी/मोबाइल नम्बर से लॉगइन करना होगा. इसके बाद आवंटी को संपत्ति से संबंधित सारी जानकारी मिल जाएगी. केडीए अफसरों ने बताया कि इसके जरिए आवंटन पत्र की डुप्लीकेट प्रति, जमा की गयी धनराशि, बकाया धनराशि आदि आवंटी स्वयं देख सकेगा. इसके आधार पर आवंटी बकाया धनराशि आनलाइन अथवा चालान जनरेट कर एचडीएफसी बैंक में जमा कर सकेगा. धनराशि जमा करते ही साॅफ्टवेयर पर यह धनराशि भी रियल टाइम में अपडेट हो जायेगी. केडीए अफसरों का कहना है कि इस साफ्टवेयर का लाभ यह होगा कि एक ओर तो प्राधिकरण के आवंटी को इन सभी जानकारियों के लिए प्राधिकरण के चक्कर नहीं काटने होंगे और यहां के अफसरों और कर्मचारियो को भी फाइल इधर उधर दौड़ानी नहीं पड़ेगी. केडीए के विक्रय विभाग, कम्यूटर और लेखा विभाग के काम अब अपने आप हो जाएंगे. इसके जरिए प्राधिकरण की आय में वृद्धि की संभावना भी जताई जा रही है.

शताब्दीनगर योजना में लागू हुआ साॅफ्टवेयर
केडीए ने इस सॉफ्टेवयर का सबसे पहला प्रयोग शताब्दीनगर योजना में किया है. शताब्दीनगर योजना की लॉटरी कुछ समय पहले ही हुई है. बताया गया कि इसके बाद प्राधिकरण की अन्य योजनाओं में जल्द ही इसे लागू किया जाएगा.
प्राधिकरण का आवंटी घर बैठे प्रापर्टी से संबंधित जानकारी, जमा की गयी धनराशि, बकाया धनराशि, ब्याज, दण्ड ब्याज आदि स्वयं देख सकेगा.
आवंटियों को बकाया किश्तें जमा किये जाने हेतु आटोमेटेड पेमेण्ट एलर्ट हेतु उसके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस जायेगें.
प्राधिकरण और आवंटी दोनों को सम्पत्ति के बावत त्रुटिरहित वित्तीय ट्रैकिंग उपलब्ध होगी.
प्राधिकरण को डिफाल्टर आवंटियों के बारे में रियल टाइम जानकारी रहेगी.
प्राधिकरण को इस साफ्टवेयर में समस्त जानकारी फीड होने के कारण रिक्त प्रापर्टी की जानकारी भी उपलब्ध रहेगी.
कम्प्यूटराइज्ड सिस्टम होने के कारण गलती की सम्भावना नगण्य होगी।
प्राधिकरण के कई विभागों एवं कई कर्मचारियों का कार्य साफ्टवेयर के माध्यम से संचालित होने के कारण इन विभागों एवं कर्मचारियों के समय का सदुपयोग अन्य कार्यो में किया जा सकेगा.

 

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