विश्व लिवर डे पर आईएमए के डॉक्टर लोगों को किया जागरूक
विश्व लिवर दिवस 2025 का थीम ” फ़ूड इस मेडिसिन” -डॉ नंदिनी रस्तोगी
लीवर शरीर का महत्वपूर्ण अंग है और 19 अप्रैल को विश्व लिवर दिवस के रूप में मनाया जाता है
कानपुर ,
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की कानपुर प्रेस वार्ता का आयोजन लीवर यानी यकृत से होने वाली बीमारियों की जानकारी देने के लिए किया गया है। लीवर शरीर का महत्वपूर्ण अंग है।और 19 अप्रैल को “विश्व लीवर दिवस ” के रूप में मनाया जाता है।इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को डॉ. नंदिनी रस्तोगी, अध्यक्ष, आईएमए कानपुर, वरिष्ठ गेस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट विशेषज्ञ ने संबोधित किया।आए हुए पत्रकारो से वार्ता करते हुए आईएमए कानपुर के अध्यक्ष डॉक्टर नंदिनी रस्तोगी ने बताया की विश्व लिवर दिवस 2025 का थीम ” फ़ूड इस मेडिसिन”, “भोजन ही औषधि है।यह थीम लिवर के स्वास्थ्य को बनाए रखने और लिवर से संबंधित बीमारियों को रोकने में पोषण की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालती है।संतुलित आहार और भोजन चुन कर, व्यक्ति अपने लीवर के कार्य को बेहतर बना सकते हैं।और लीवर विकारों व जोखिम को कम कर सकते हैं ।
इस कार्यक्रम में शहर के जाने-माने गैस्ट्रोएंटरोलॉजी डॉक्टर वीके मिश्रा ने बताया की शराब लीवर की बीमारी का एक प्रमुख कारण है।और इसके अत्यधिक सेवन से लीवर खराब और सिरोसिस सर्करहोसिस नाम की बीमारी हो जाती है।इसमें लीवर अपना पाचन और अन्य काम नहीं कर पता है।और पोर्टल हाइपरटेंशन की वजह से खून की उल्टी या लैट्रिन होने लगती है।रीजेंसी हॉस्पिटल के डॉक्टर मयंक मल्होत्रा ने बताया की हेपेटाइटिस बी और सी लीवर के खतरनाक इंफेक्शन है।जो की संक्रमित व्यक्ति के द्वारा खून या संक्रमित सुई या सेक्सुअल से हो जाता हैं।
