
*नेशनल टैक्स कांफ्रेंस का भव्य आयोजन, न्यायमूर्तियों ने कर पेशेवरों की भूमिका को सराहा*
कानपुर, 26 अप्रैल, 2025। ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ टैक्स प्रैक्टिशनर्स (AIFTP)- नॉर्थ जोन के तत्वावधान में, कानपुर के मर्चेंट्स चैंबर ऑफ उत्तर प्रदेश के सभागार में दो दिवसीय नेशनल टैक्स कांफ्रेंस का शुभारंभ हुआ। देश भर से आए कर विशेषज्ञों और पेशेवरों ने इस महत्वपूर्ण आयोजन में भाग लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस विवेक बिड़ला एवं विशिष्ट अतिथि लखनऊ पीठ के न्यायाधीश जस्टिस आलोक माथुर रहे। दोनों न्यायाधीशों ने टैक्स प्रोफेशन में उत्कृष्टता और नैतिकता के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। कांफ्रेंस का उद्घाटन करते हुए जस्टिस विवेक बिड़ला ने कहा कि-
“ज्ञान को कभी बैसाखी की जरूरत नहीं होती; व्यक्ति अपने दम पर सीखकर आगे बढ़ता है। वरिष्ठ पेशेवरों का दायित्व है कि वे अपने जूनियर्स को निस्वार्थ भाव से प्रशिक्षित करें और यह चिंता न करें कि उनका ज्ञान साझा करने से उनकी स्वयं की प्रैक्टिस पर कोई प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि:
“कोई भी व्यक्ति अपनी योग्यता का उपयोग केवल अपनी क्षमता तक ही कर सकता है। अतः कर सलाहकारों को चाहिए कि वे प्रोफेशनल एथिक्स का पालन करते हुए उत्कृष्टता एवं ईमानदारी के साथ कार्य करें।”
इसके बाद जस्टिस आलोक माथुर ने “राष्ट्र निर्माण में कर पेशेवरों की भूमिका” विषय पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि-
“एक सशक्त राष्ट्र निर्माण में कर पेशेवरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। टैक्स प्रोफेशनल्स न केवल सरकार के राजस्व तंत्र की रीढ़ हैं, बल्कि वे व्यापारिक संस्थाओं और नागरिकों के बीच ईमानदारी व पारदर्शिता को बढ़ावा देने का कार्य भी करते हैं।”
जस्टिस माथुर ने यह भी जोड़ते हुए कहा:
“जब टैक्स प्रैक्टिशनर सही मार्गदर्शन देते हैं, कानून का सही अनुपालन कराते हैं और नैतिक कर-संस्कृति विकसित करते हैं, तो वह राष्ट्र की आर्थिक मजबूती एवं सामाजिक विकास में एक अदृश्य किन्तु प्रभावशाली योगदान करते हैं।”
कार्यक्रम को मंचस्थ सर्वश्री एड. समीर जानी (जूनागढ़), सी.ए. वेंकट रमानी (बेंगलुरु), एड. संतोष गुप्ता (नागपुर), एड. ओ.पी. शुक्ल (वाराणसी), एड. आनंद कुमार पाण्डेय (वाराणसी), एड. संतोष कुमार गुप्ता (कानपुर) ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का सञ्चालन एड. दिलीप यशवर्धन (लखनऊ) एवं सी.ए. छवि जैन (कानपुर) एवं धन्यवाद सी.ए. धर्मेन्द्र कुमार श्रीवास्तव (कानपुर) ने दिया।
यह नेशनल टैक्स कांफ्रेंस न केवल पेशेवर ज्ञान के आदान-प्रदान का मंच बनी, बल्कि टैक्स प्रोफेशन के उच्चतम आदर्शों को पुनः स्थापित करने की प्रेरणा भी प्रदान कर रही है। कार्यक्रम में उपस्थित कर विशेषज्ञों और प्रतिभागियों ने भी अपने विचार साझा किए और टैक्स प्रैक्टिस में आ रहे आधुनिक परिवर्तनों तथा पेशेवर चुनौतियों पर गहन मंथन किया।
प्रथम सत्र में सी.ए. एस. वेंकटरामानी (बेंगलुरु) ने जीएसटी अधिनियम, 2017 के तहत धारा 65 के तहत विभागीय ऑडिट और धारा 73 और 74 के तहत नोटिस से निपटने का तरीकोण पर अपने विचार व्यक्त किए। सत्र के सभापति एड. पंकज घिया (जयपुर), सह- सभापति सी.ए. पियूष अग्रवाल (कानपुर) थे। सत्र का सञ्चालन सी.ए. प्रखर गुप्ता एवं धन्यवाद ज्ञापन सी.ए. अरुण गुप्ता ने दिया।
द्वितीय सत्र में सी.ए. ए. के. श्रीवास्तव (दिल्ली) ने आयकर में 01.04.2025 से लागू संशोधनों, एड. वी.पी. गुप्ता (दिल्ली) ने 23.07.2024 के उपरान्त पूंजीगत लाभ के कराधान एवं सी.ए. प्रशान्थ जी.एस. (बेगलुरु) ने खोज मूल्यांकन में डायनामिक्स को बदलकर ब्लॉक व्यवस्था पर वापस लाया गया पर अपने विचार व्यक्त किए। सत्र का सभापतित्व श्रीमती प्रेम लता बंसल, सह- सभापति सी.ए. सुधीन्द्र जैन (कानपुर) ने किया। सत्र का सञ्चालन सी.ए. राहुल चंद्रा एवं धन्यवाद सी.ए. मनीष श्रीवास्तव ने दिया।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सर्वश्री अवधेश कुमार मिश्र, एड. नरपत जैन, एड. अशोक कुमार अग्रवाल, एड. विमल कटियार, सी.ए. शैलेश शर्मा, एड. मुकुंद गुप्ता, एड. श्याम धवन, सी.ए. शरद शेखर श्रीवास्तव, सी.ए. शिशिर शुक्ल, सी.ए. राजीव कुमार गुप्ता, आनंद कुमार सिंह, सुनील त्रिवेदी, पद्मेश बाजपेई आदि सहित एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष, वरिष्ठ सदस्य तथा अन्य गणमान्य सदस्य काफी संख्या में उपस्थित थे |
धन्यवाद,
भवदीय !
कृते आल इंडिया फेडरेशन ऑफ़ टैक्स प्रैक्टिशनर्स (नार्थ जोन)
(संतोष कुमार गुप्ता)
कांफ्रेंस चेयरमैन
(दीप कुमार मिश्र)
जनसंपर्क समिति चेयरमैन
