अधिकारियों के बिना लग्जरी गाड़ियां सड़को पर करती है सैर।
हर महीने अधिक गाड़ी रीडिंग का किया जाता है भुगतान।
कानपुर नगर निगम के अधिकारियों ने एक ऐसा जादू चलाया है जिसको जानकर आप हैरान हो जाएंगे। जो अधिकारी निरीक्षण के लिए शहर की सड़कों पर नहीं दिखाई देते मगर उनकी लग्जरी गाड़ियां काफी मेहनत कर रही है। यह बात हम नहीं बल्कि फाइलों में दर्ज की गई कार रीडिंग ने बयां की है। मामला तब खुला जब नगर निगम के वर्कशॉप अधिकारी ने फ़ाइल में हुए इस घोटाले को पकड़ा। एग्रीमेंट के अनुसार नगर निगम के अधिकारियों को इंडिका गाड़ी दी गई है जिससे वह 2 हजार किलोमीटर तक कि सैर कर सकते हैं। मगर नगर निगम में ना तो इंडिका गाड़ी है बल्कि अधिकारी भी अपने केबिन पर आराम फरमाते हैं। इतना ही नही उनकी लग्जरी गाड़ियां कागजों में दौड़ती हैं और एग्रीमेंट के लक्ष्य को पीछा छोड़ हजारों किलोमीटर का सफर तय कर चुकी हैं।
नगर निगम में हुए इस कार रीडिंग घोटाले का मामला नगर आयुक्त शिवशरणप्पा और महापौर प्रमिला पांडे की संज्ञान में लाया गया तो उन्होंने जांच का हवाला देते हुए पूरे मामले से पल्ला झाड़ लिया।
