अखिल भारतीय अल्पसंख्यक बोर्ड

आज दिनांक 3 सितंबर को ऑल इंडिया माइनॉरिटी बोर्ड की आपातकाल बैठक क्रिश्चियन सीमेट्री चुन्नीगंज कानपुर में पास्टर डायमंड यूसुफ की अध्यक्षता में संपन्न हुई जिसमें काजी ए शहर मौलाना मामूर अहमद जमाई व सिख समाज व बौद्ध समाज ने मौजूद होकर पिछले दिनों में विश्व हिंदू परिषद द्वारा झाबुआ कल्याणपुरा में ईसाई समुदाय के पवित्र प्रार्थना स्थलों को अवैध बताते हुए व 56 पादरियों के ऊपर धर्मांतरण करने के आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन को प्रार्थना पत्र दिया था उसी के साथ कल्याणपुरा के मैदान में विश्व हिंदू परिषद के सैकड़ों कार्यकर्ता जमा होकर इन सब के प्रति जांच करने की मांग करते हुए 1 सितंबर तक प्रशासन को अल्टीमेटम दिया था।

इस घटना से संपूर्ण मसीही समाज दुखी व आक्रोशित है। ऑल इंडिया माइनॉरिटी बोर्ड ने तत्कालीन बैठक के दौरान फैसला लेते हुए बोर्ड के प्रवक्ता हाजी मोहम्मद सलीम ने जानकारी दी कि बोर्ड इसकी कड़ी निंदा करता है व यह बयान जारी किया है कि हमारे धर्म स्थल किसी अवैध जगह निर्माण नहीं होते हैं और फिर भी अगर कोई अवैध है तो उसको संवैधानिक ढंग से सूचित करते हुए कार्यवाही की जाए क्योंकि हमारा देश किसी एक खास समाज का देश नहीं है हमारे देश में विभिन्न प्रकार की जातियां हैं जिनको अपने धर्म की पूजा करने का संवैधानिक अधिकार है और अगर ऐसा नियम लागू ही करना है तो देश में जो भी अवैध धर्मस्थल जो किसी भी जाति का चाहे वह सड़कों पर चाहे सार्वजनिक पेड़ों के पास बने हो अगर अवैध जगह पर निर्माण किए गए हैं तो उनके साथ भी यही सुलूक किया जाए उसी के साथ हम अपने चर्च मस्जिद गुरुद्वारे स्वयं ही हटा लेंगे लेकिन अगर 2022 को देखते हुए सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने का कार्य करेंगे तो हम अल्पसंख्यक समुदाय के लोग इसको कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे चाहे इसके विरोध में हमको सड़कों पर उतरना पड़ेगा चाहे जेल जाना पड़े। हम भारत के किसी व्यक्ति को देश के संविधान का उल्लंघन करने नहीं देंगे और ना ही हम खामोश रहेंगे अतः प्रशासन को इसकी जानकारी लेकर इसके विरोध में कड़े कदम उठाना चाहिए जिस प्रकार दूसरे समुदाय के लोग व्हाट्सएप और फेसबुक पर गैर जिम्मेदार बयान देते हैं और देश की शांति व्यवस्था खराब करना चाहते हैं इनके विरोध में प्रशासन की खामोशी भी सवालिया निशान पैदा करती है अतः ऑल इंडिया माइनॉरिटी बोर्ड जिला प्रशासन से यह उम्मीद करता है कि इसकी निष्पक्ष जांच करके दोषियों के प्रति कार्यवाही करनी चाहिए। इस बैठक में मुख्य रूप से हाजी दिलशाद कुरेशी, सरदार मान सिंह बग्गा, सरदार राजेंद्र सिंह नीता, श्री संजीव साइलस, पादरी जॉनी स्टीफन, अश्विनी कुमार बौद्ध, राहुल जैन, सुमित मेसी आदि लोग मौजूद थे।

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