कानपुर देहात जिले में डेंगू बुखार का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा। हालत यह है कि बुखार पीड़ित मरीजों से जिला अस्पताल की इमरजेंसी से लेकर जनरल वार्ड तक फुल हैं। ऐसे में मरीज उपचार के लिए झोलाछाप के पास पहुंच रहे हैं।
कन्नौज निवासी रिश्तेदारी में आई बुखार पीड़ित महिला की झोलाछाप के इलाज से शनिवार को हालत बिगड़ गई। परिजन सीएचसी ले गए तो वहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। महिला को मिलाकर जिले में बुखार से अब तक नौ लोगों की मौत हो चुकी है।
कन्नौज निवासी दीपक पांडेय की पत्नी प्रतिमा (25) को पिछले एक सप्ताह से बुखार से आ रहा था। पति उसे लेकर जोत गांव में रिश्तेदारी में आया था। जहां पर परिवारीजनों ने विषधन तिराहे पर एक झोलाछाप से प्रतिमा का इलाज शुरू कराया। शनिवार को प्रतिमा की हालत बिगड़ गई तो झोलाछाप ने हाथ खड़े कर दिए।
परिजन उसे लेकर सीएचसी पहुंचे, जहां डॉ. रवि प्रकाश सोनी ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पति महिला का शव लेकर कन्नौज चला गया। सीएचसी प्रभारी डॉ. आशीष मिश्रा ने बताया कि झोलाछाप के इलाज करने की शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
वहीं शनिवार को जिला अस्पताल अकबरपुर की ओपीडी मेें बुखार पीड़ित बच्चों, युवाओं व बुजुर्गों की भीड़ उमड़ी। बाल रोग विशेषज्ञ व फिजीशियन कक्ष के बाहर लंबी-लंबी कतारें लगी रही। इमरजेंसी व जनरल वार्ड बुखार पीड़ितों से फुल हो गया है। इससे बुखार पीड़ित मरीज प्राइवेट चिकित्सक व झोलाछाप से उपचार कराने को मजबूर रहे।
जिले में डेंगू की जांच की सुविधा मेडिकल कॉलेज बनने पर ही मिल सकेगी। डेंगू व बुखार से मौत की जानकारी पर टीम को संबंधित जगह भेजा जा रहा है। दवा का छिड़काव व फॉगिंग कराई जा रही है। – डॉ. एपी वर्मा, डिप्टी सीएमओ/संक्रामक रोग नोडल अधिकारी
दो दिन में भर्ती हुए बुखार पीड़ित मरीज
इस सीजन में अब तक शुक्रवार की सुबह से लेकर शनिवार दोपहर तक जिला अस्पताल में सबसे अधिक बीस बुखार पीड़ितों को भर्ती किया गया। जिसमें जिला अस्पताल कॉलोनी निवासी इशिका (14), गजनेर की जिया (छह माह), रूरा रोशनमऊ निवासी राज (ढाई साल), रूरा सुभाषनगर निवासी तुषार (5), अकबरपुर के सलावतपुर निवासी रौनक (12), अकबरपुर के आघू कमालपुर निवासी करिश्मा (16), सचेंडी कानपुर निवासी उर्वशी (5), डेरापुर के नंदपुर निवासी दीपिका (18), अकबरपुर के मुक्तापुर निवासी छोटू (7), मंगलपुर के खमहैला निवासी मनोज कुमार (35) को अस्पताल में भर्ती किया गया है। वहीं अकबरपुर के संजयनगर निवासी सरोज (65), डेरापुर के सरगांव बुजुर्ग निवासी विनय (25), कानपुर के शिवराजपुर निवासी सद्दाम (27), कानपुर के चौबेपुर निवासी सुरेश (50), रसूलाबाद के मनकी नारखास निवासी सोनी देवी (42), अकबरपुर के बेवन निवासी केशकली (35), अकबरपुर के कुईतखेड़ा निवासी प्रिया (14), डेरापुर के बीवापुर निवासी दीपक (20) व अकबरपुर के भुगनियापुर निवासी महावीर (56) को भी भर्ती कर इलाज शुरू किया गया है।
बिना कोविड जांच, बच्चों का हो रहा इलाज
बुखार मरीज बढ़ने के साथ ही जिला अस्पताल मेें व्यवस्थाएं भी औंधे मुंह गिरी हैं। इन दिनों बुखार पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ी है। जिला अस्पताल में इन्हें अन्य मरीजों के साथ इमरजेंसी व जनरल वार्ड मेें भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। वहीं सबसे हैरत की बात यह है कि भर्ती होने वाले अधिकांश बच्चों की कोविड जांच भी नहीं की जा रही है। जिससे उनके कोविड संक्रमित होने या न होने की पुष्टि भी नहीं हो पाती। जबकि बुखार को भी कोरोना संक्रमण का लक्षण माना जाता है। ऐसे में नौनिहालों का इलाज भी भगवान भरोसे है।
डेंगू की पुष्टि का डॉक्टरों ने ढूंढा नायाब तरीका
जहां एक ओर डेंगू व बुखार के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। वहीं जिला अस्पताल में इलाज की व्यवस्था मजाक बनकर रह गई है। जांच की सुविधा न होने के कारण यहां के डॉक्टरों ने डेंगू की पुष्टि का नायाब तरीका निकाला है। सीएमएस डॉ. राजीव गुप्ता ने बताया कि डेंगू होने पर मरीज के शरीर मेें प्लेटलेट्स काफी तेजी से गिरती है। जबकि वायरल बुखार या अन्य बीमारी मेें प्लेटलेट्स गिरने का स्तर कम होता है। इसी आधार पर डेंगू होने या न होने की पुष्टि की जाती है।
आखिर कब बनेगा डेंगू वार्ड
जिले में डेंगू व बुखार से लगातार हो रही मौतों के बाद भी जिला अस्पताल में ही अलग से मरीजों के लिए वार्ड नहीं बन सका है। जिससे अफसरों की संजीदगी का अंदाजा लगाया जा सकता है। शनिवार को कर्मी जिला अस्पताल के जनरल वार्ड के पास बने कक्ष की साफ-सफाई करते रहे। सीएमएस ने कहा कि डेंगू व बुखार मरीजों के लिए अलग से वार्ड बनाया जा रहा है। जल्द ही तैयार कर लिया जाएगा।
अकबरपुर ब्लॉक मेें ही सबसे ज्यादा बुखार के मरीज
जिले में सबसे अधिक बुखार पीड़ित मरीज अकबरपुर नगर पंचायत व गांवों में मिल रहे हैं। इसके बावजूद प्रशासनिक व स्वास्थ्य अफसर रोकथाम नहीं लगा पा रहे हैं। मलेरिया विभाग की ओर से जिले में सबसे अधिक अकबरपुर ब्लॉक के 16 गांवों को संवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है। शनिवार को जिला अस्पताल में एक दिन के अंदर भर्ती हुए बीस बुखार मरीजों में दस मरीज सिर्फ अकबरपुर नगर पंचायत व ब्लॉक क्षेत्र के गांवों के रहे।
मरीज बढ़े तो सक्रिय हुए दलाल
डेंगू व बुखार मरीजों की संख्या बढ़ने से जिला अस्पताल के आसपास प्राइवेट अस्पतालों के दलालों की सक्रियता भी बढ़ गई है। डीएम के लाख दावों के बावजूद दलाल अस्पताल गेट से लेकर इमरजेंसी, जनरल वार्ड व ओपीडी मेें घूमते देखे जा सकते हैं। जिस पर किसी तरह की रोकटोक नहीं है।
मरीज के रेफर होते ही दलाल खुद ही पर्चा रिसीव कर मरीज को जबरन प्राइवेट अस्पताल ले जाते। पूर्व में हुई शिकायतों पर डीएम जेपी सिंह ने सीएमओ को जांच भी दी, लेकिन कार्रवाई कागजों तक ही सिमट कर रह गई।
