मुहर्रम व क्रिकेट खेलती रही कानपुर पुलिस और छूट गया अवनीश दीक्षित

 

पूर्व प्रेस क्लब अध्यक्ष अवनीश दीक्षित हुए रिहा

 

पुलिस विवेचकों की गुगली से पुलिस कमिश्नर ही हुए क्लीन बोल्ड

 

अपराध संख्या 143 /21 थाना कर्नलगंज में जमानत हासिल करने में अवनीश दीक्षित की कामयाबी के पीछे कानपुर की लचर पुलिस विवेचना की अहम भूमिका फिर देखने को मिली ।

दरासल अपराध संख्या 232 /22 थाना काकादेव में भी डिजीटल सिग्नेचर ऑफ सर्टीफिकेट पर अवनीश दीक्षित के फाइनेंशर मेसर्स बालाजी इंजीनियरिंग वर्क प्रोपराइटर सुनील शुक्ला उर्फ जीतू शुक्ला के द्वारा ही गबन करने के लिखित साक्ष्य पुलिस विवेचक थाना काकादेव अखिलेश राय को केस्को महामंत्री दिनेश सिंह भोले ने दिए थे तीन महीने बीत जाने पर जब केस्को महामंत्री दिनेश सिंह भोले ने पुलिस विवेचक अखिलेश राय को फोन किया तो वो बोले छुट्टी पर है फिर मोर्हरम है उसके बाद देखेंगे।लेकिन उन्होंने तीन महीने में कोई भी विवेचना आगे नहीं बढाई।केस्को महामंत्री दिनेश सिंह भोले ने कहा दस्तावेजी साक्ष्य मिलने के बाद भी पुलिस की घटिया कार्य प्रणाली हाई प्रोफाइल मामले में बडी़ डील का संकेत है पुलिस कमिश्नर की हाईटेक पुलिस अभी तक अवनीश दीक्षित के फाइनेंशर सुनील शुक्ला उर्फ जीतू शुक्ला की भी गिरफ्तारी नही कर सकी है।केस्को महामंत्री दिनेश सिंह भोले ने कहा कि पुलिस विवेचको का रवैया बडी़ डील की ओर संकेत कर रहा है।

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