गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर कमाया पुण्य

भादों माह (भदई) की अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य कमाया। उसके बाद श्रद्धालुओं ने शिवालयों में बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक कर उनका पूजन- अर्चन किया। परियर गंगा तट व बक्सर गंगा तट पर ब्रह्ममहूर्त से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुट गई। गंगातटों पर प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस व पीएसी के जवान तैनात रहे।

परियर गंगा तट पर श्रद्धालुओं की टोली रविवार शाम से ही आना शुरू हो गई थीं। यहां पहुंचने के बाद श्रद्धालु रात भर बलखंडेश्वर मंदिर परिसर, जानकी कुंड आश्रम तो कई ने गंगा किनारे रुककर रात में कीर्तन भजन किया। सोमवार को भोर पहर ब्रह्मावर्त परियर गंगा तट पर श्रद्धालुओं ने ब्रह्ममहूर्त से ही गंगा स्नान कर पूजा अर्चना की। वापस लौटते समय श्रद्धालुओं ने रास्ते में पड़ने वाले शिवालयों में बलखंडेश्वर, जानकी कुंड आश्रम व भीम्मेश्वर आदि में मंदिरों में शिवलिग पर जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की। कोरोना की वजह से परियर में लगने वाला ऐतिहासिक मेला इस बार नहीं लगा। केवल प्रसाद की दुकानें लगी रही। सफीपुर कोतवाली प्रभारी हरिकेश राय पुलिस बल व पीएसी जवानों के साथ घाट पर गश्त लगाते रहे। मंगलवार को भी उदया तिथी होने से श्रद्धालु गंगा स्नान करेंगे। आचार्य करुणाशंकर तिवारी ने बताया मंगलवार को नौ बजे सुबह तक भादों की अमावस्या रहेगी। बक्सर में जुटी हजारों की भीड़

स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं पूरी तैयारी के साथ आए थे। जहां रातभर रुककर भजन कीर्तन करते हुए समय व्यतीत किया। जिसके बाद भोर पहर से ही गंगा स्नान शुरू हो गया। श्रद्धालुओं स्नान करके माता चंद्रिका के दर्शन किए। यहां का मशहूर प्रसाद खोया कुसली को लेने की होड़ रही। खाली न रहा कोई भी गंगा तट

भदई आमवस्या का पुण्य गंगा स्नान करके उठाने वाले श्रद्धालुओं से जिले भर के गंगा तट भरे रहे। जहां भक्तों में कोरोना प्रोटोकाल स्वयं ज्ञान रहा। जहां इसकी अनदेखी पाई गई। वहां पहले से मौजूद पुलिस बल व प्रशासनिक अफसरों ने उन्हें प्रोटोकाल की याद दिलाई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *