कानपुर. बीएनएसडी शिक्षा निकेतन में ‘तनाव प्रबंधन’ विषय पर सुबह नौ बजे कार्यशाला आयोजित की गई. शिक्षाविद एवं हार्टफुलनेस रिसर्च सेंटर के डायरेक्टर डॉ. मोहन दास हेगड़े ने बताया कि हृदय और मस्तिष्क के बीच कनेक्शन के कट जाने की वजह से हम तनाव में आ जाते हैं. हार्टफुलनेस ध्यान से दोनों के बीच पुन: कनेक्शन स्थापित होने से तनाव घट जाता है. शांति को बाहर नहीं अपने अंदर खोजें. तनाव का समाधान भी अंदर ही है. हम जब बाहर खोजते हैं, अशांत रहते हैं. ईश्वर पर विश्वास करना जीवन को अर्थपूर्ण बनाना है. विश्वास ही संसार का सबसे बड़ा आशीर्वाद है. कुशल नेतृत्वकर्ता को सबसे अधिक तनाव होता है, उसे अपने जिम्मेदारी और दायित्व की फ़िक्र होती है. डायरी लेखन भी हमें तनाव मुक्त करता है. आप सभी विद्यार्थी अंदर से धैर्यवान और शक्तिशाली बने. जो कहते हैं, वही करें और जो करते हैं-वही करें. सच बोलने से मत डरें. सच बोलने से डरना भी तनाव पैदा करता है. प्रधानाचार्य बृजमोहन कुमार सिंह ने बताया कि 300 विद्यार्थियों ने भाग लिया. डॉ. अवध दुबे, हार्टफुलनेस संस्थान कानपुर की समन्वयक शालिनी श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे. कार्यशाला का संचालन हार्टफुलनेस ध्यान प्रशिक्षक निरंकार सिंह ने किया.

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