श्रीमद् भागवत कथा कानपुर 16 जुलाई उत्तर भारत का 165 वर्ष प्राचीन दक्षिण भारतीय प्रयाग नारायण मंदिर शिवाला में परंपरागत पूर्व वर्षों की भांति मंदिर के सभागार में 165 व श्रीमद् भागवत सप्ताह कथा का शुभारंभ व्यास पीठ का पूजन एवं व्यास पीठ पर विराजमान आचार्य योगेश जी महाराज अयोध्या का विद्वत पूजन एवं कलश स्थापना मंदिर अध्यक्ष विजय नारायण तिवारी प्रबंधक अभिनव नारायण तिवारी कथा प्रारंभ के पूर्व कथा का महत्व एवं कथा क्यों सुनाई चाहिए पर आचार्य योगेश जी ने कहा कि यह कथाएं अनादि काल से चली आ रही है लोग पूछते हैं इससे क्या लाभ है उन्हें समझौता यह नहीं मालूम सनातन को यही कथाएं जीवित किए हुए हैं यह वह भारत है इसमें उत्तर प्रदेश जहां भगवान राम कृष्णा प्रकट हुए दोनों देवताओं ने अपनी लीला से सनातन को संदेश दिया है परिवार समाज को कैसे संतुलित रखना है यह कथा सिखाती है श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ज्ञान के द्वितीय दिवस पर कथा का शुभारंभ करते हुए श्री योगेश जी महाराज ने बताया कि कथा क्यों सुनने चाहिए कथा का महत्व क्या है आचार्य जी ने अपने दिव्य व्याख्यान में बताया कि भगवान के जीवन की वह गौरव गाथा जिसको श्रवण करके व्यक्ति जीवन का कल्याण हो सकता है जो पग पग पर मनुष्य के जीवन मैं प्रेरणा देती है जो जीवन जीने की कला सिखाती है वही भगवान की कथा पर सत्य मार्ग पर चलने के लिए हमें सत्य प्रेरणा भगवान की कथा से प्राप्त होती है समाज में मनुष्य का क्या कर्तव्य है परिवार में कैसे रहना चाहिए भाई का भाई से कैसे व्यवहार होना चाहिए अन्य परिवार मूल्य का विश्लेषण कथा में प्रथम दिवस पर ज्ञान बैराज एवं भक्ति महारानी के चरित्र का निरूपण किया गया ज्ञान और वैराग के अभाव में भगवान की भक्ति कोई ही नहीं सकती और बिना भगवान की भक्ति के भगवान प्राप्त करना संभव हो सकता है आजकल के प्रवेश में भक्ति एक दिखावा होकर रह गई है जिस कारण समाज में विषम परिस्थितियों बढ़ रही गई है और समाज में प्राय प्राणी किसी न किसी कष्ट से पीड़ित है ना योग है ना जब है ना तब है और ना ही सत विचार है पुष्टि गए हैं धीरे-धीरे इन सब का लोग होता जा रहा है प्रमुख रूप से राजेंद्र शुक्ला राघव नारायण तिवारी पवन तिवारी एडवोकेट राज टंडन सुरेंद्र जायसवाल मनोज शुक्ला सीमा दिगरा राकेश चौरसिया गणेश आचार्य यह श्री भागवत कथा किस प्रकार निरंतर 21 जुलाई 2025 तक संस्कार 3 से 6:00 बजे मंदिर सभा कर में होती रहेगी

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