165 व श्रीमद् भागवत कथा प्रयाग नारायण मंदिर शिवाला कानपुर नगर 18 जुलाई 2025 महाराज प्रयाग नारायण शिवाला मंदिर प्रांगण में चल रही है श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन आचार्य योगेश जी महाराज ने परीक्षित जी एवं शुक्र देव स्वामी जी का संवाद सुनाया जब परीक्षित ने पूछा कि करने वाले का क्या कर्तव्य है प्रियमाणस्य कि कर्तव्यमृ उसके प्रति उत्तर में मैं शुक्र देव स्वामी जी ने बताया कि आपका प्रश्न लोक हित में है आपने केवल अपने लिए ही बेस्ट ना करके अपित संपूर्ण मानव जाति के लिए प्रश्न किया है इस संसार में कोई ऐसा नहीं है जो मृत्यु को प्राप्त न हो और सबके पास तुम्हारे जैसे ही 7 दिन कर समय है इन्हीं 7 दिनों के अंदर किसी न किसी दिन आपको जाना है और हर एक व्यक्ति के मन में मृत्यु का भय होता है जो मानव ने बताया रास्ते पर चलते हैं और मृत्यु के भाई से मुक्त रहते हैं मृत्यु के भाई से मुक्त होना चाहते हो तो चार चीजों का अभ्यास करो जिता सानो अर्थात अपने आसन को जीतिए फिर। जित विश्वासो अर्थात श्वास पर नियंत्रण होना चाहिए क्यों स्वास्थ्य का संबंध मां से होता है अगर आप के स्वास्थ्य पर नियंत्रण रहेगा तो आपका मन अपने आप आपके नियंत्रण में होगा तीसरा जीत सॉन्ग अर्थात अच्छी संगत करिए और चौथा जितेंद्र अपनी इंद्रियों को निगर ग्रहण करो इंद्रियों पर नियंत्रण पा लेना तो आपका मन भगवान से लग जाएगा और आपकी अधोगति नहीं होगी आगे कथा का विस्तार लेते हुए पूजन योगेश जी महाराज ने बताया कि सृष्टि का क्रम कैसे चला और ब्रह्मा जी ने किस प्रकार सृष्टि का सृजन किया एक महत्वपूर्ण बात कथा में आचार्य जी ने बताया कि ब्राह्मण में पृथ्वी का देवता क्यों कहा जाता है क्योंकि ब्राह्मण श्री ब्रह्मा श्री मां सिक सृष्टि है इसलिए देवता कहलाए बाकी सारा संसार मनु और सतरूपा की संतान होने के मानव कहलाते हैं प्रमुख रूप से क तिवारी जय मिश्रा संजय सिंह कामना तिवारी अभिषेक रावत शिवम सिंह विनय गुरु सचिन मिश्रा आकांक्षा द्विवेदी आदि
2025-07-18
