१६५ वां वर्ष

श्रीमद् भागवत कथा

प्रयाग नारायण मंदिर शिवाला कानपुर

20 जुलाई 2025

कानपुर शिवाला मंदिर मंडपम् में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के पंचम दिवस पर आचार्य योगेश जी महाराज ने नंद उत्सव का सुंदर वर्णन किया । भगवान के विभिन्न बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए आचार्य जी ने बताया कि भगवान गोपियों के ऊपर कृपा करने के लिए माखन चोरी की लीला करते हैं । नवनीत चुराने का तात्पर्य है भगवान संतों के हृदय को ही चुरा लेते हैं। भगवान गोपियों पर कृपा करते हुए उनको आनंद प्रदान करने के लिए रोज नई-नई लीलाएं करते हैं। भगवान ने गौ चारण किया और अपने मित्रों में साथ जा करके गौ माता की सेवा की तब से भगवान का एक नाम गोपाल भी हो गया । कथा में पूतना मोक्ष की कथा सुनाते हुए आचार्य जी ने बताया कि पूतना बालकों की हत्या करने वाली थी ऐसी पूतना को भगवान ने वही सद्गति प्रदान किया जो अपनी माॅं यशोदा को प्रदान करते हैं। भगवान अपने शरण में आए हुए किसी भी व्यक्ति का दोष नहीं देखते हैं वह दीनबंधु है वह तो अपने शरणागत भक्त की मुक्ति का मार्ग प्रदान करने वाले होते हैं । आचार्य जी ने आगे भगवान की लीला का वर्णन करते हुए गोवर्धन जी की कृपा करुणा का वर्णन किया । इंद्र के अभियान को भगवान ने घटाया और स्वयं ही गिर घाटी बनाकर अपनी पूजा कराते हैं । संदेश यह देते हैं कि इस संसार में जो कर्ता है वह हम हैं और जो कर्म है वह भी हम‌ ही‌ है । यह इस प्रकार अनेकों प्रसंग का वर्णन हुआ । प्रमुख रूप से महेश त्रिवेदी (विधायक) , प्रकाश पाल, डॉ प्रदीप दीक्षित, अखिलेश वाजपेई, के. डी. त्रिवेदी, अशोक मिश्रा ,राहुल, अमित दुबे ,अलका, सुषमा स्वप्निल ,मनोरमा मौजूद रही ।

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