कानपुर

 

आज नाग पंचमी पर कानपूर में बाबा खेरेस्वर मंदिर में पूजा का विशेस विधान है। यहां नागो के देवता बाबा खेरेपति के नाम पर ही मंदिर बना है आज के दिन इस मंदिर में नागो का श्रृंगार किया जाता है। इस दिन देश के कोने कोने से सपेरे जहा अपने अपने नागो को लेकर यहाँ मंदिर में आते है वही इन नागो का दर्शन पूजन कर भक्त भी अपने को सौभाग्य शाली मानते है , सुबह-सुबह लोग इस मंदिर में आकर नागों को दूध पिलाते हैं मानते हैं कि ऐसा करने से उनके जीवन में आए हुए संकटों का निवारण होगा मंदिर में रात को नागो का विशेष तरीके से श्रृंगार और पूजन किया जाता है। इस मंदिर में भगवान विष्णु की जहा भगवान शेष नाग पर खड़े विशाल प्रतिमा है। वही भगवान शिव के ऊपर छाया बने भगवान नाग देवता की भी शिवलिंग है। भक्त इस दिन दोनों भगवान की एक साथ पूजा कर नागपंचमी के दिन भगवान का आशीर्वाद पाते है।भक्त साँपो को दूध पिलाते दिखे तो कुछ भक्त साँप से खेलते नजर आये

मंदिर के पुजारी का कहना है कि भगवान चेहरे पति शेषनाग का मंदिर होने की वजह से क्षेत्र में कभी भी सर्प दशा की स्थिति नहीं होती है नहीं इस प्रकार की कोई घटना है इस मंदिर का या मानना भी है साथ ही नाग पंचमी पर हमारे धर्म ग्रंथों में भी नागों की पूजा करने का संविधान है नाग देवता में भगवान श्री नारायण विष्णु क्षीरसागर में नागों की शैया पर शयन करते हैंतो भगवान शिव नागों को अपने शरीर मे धारण करते है भगवान यह दिखाते हैं नाग कितने पूजनीय है

रात को यहां लगने वाले मेले में लाखों लोगों की उपस्थिति होती है दिल का आलम यह होता कि आसपास के रोड बंद कर दिया जाते हैं

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *