अंहकार को पिघलना, गलना और मिटना ही उत्तम मार्दव धर्म है

 

 

 

कानपुर,पर्वराज पर्युषण महापर्व का दूसरा दिन उत्तम मार्दव है। स्वर्ण जैन मन्दिर दिगम्बर जैन पंचायती बड़ा मन्दिर जनरलगंज मे गिरिडीह (झारखंड) से पधारे विद्वान पंडित महावीर प्रसाद जैन के उद्बोधन ध्दारा जी का अभिषेक पाठ एवं शान्तिधारा की क्रिया प्रारंभ की गई जिसका प्रथम सौभाग्य भामाशाह गुरूभक्त प्रदीप जैन के सुपुत्र राजीव जैन को दुसरी आजाद जैन चिरौजी परिवार एवं तीसरा सुभाष जैन को प्राप्त हुआ।तपाचायॆ अन्तमॆना 108 प्रसन्न सागर महाराज जी ने उत्तम मार्दव धर्म के बारे मे बताते है कि संसार मे जितने भी युध्द भौतिका एवं अंहकार बढ रही है उसका सबसे बडा कारण मान है इसको समाप्त करने का सबसे बडा महामंत्र है णामोकार महामंत्र जिसमे नमन को सर्वोपरि रखा है क्योकि जहाँ णामोकार महामंत्र है वहाँ अंहकार नही है । सन्दीप जैन ने बताया आज दिन करीब पूरे कानपुर जैन समाज के सभी मन्दिर मे 650 के आस-पास श्रावको ने पीले शुध्द वस्त्र पहनकर श्रीजी का अभिषेक करते है और पूरे भक्तिभाव से पूजन अर्चना भी करते है महिलाऐ इन दस दिनो मे अपने संसार क्रियाओ के साथ-साथ प्रतिदिन मन्दिर जी मे पूजन करती है उपवास करती है और साथ सांस्कृतिक भी मन्दिर जी सांयकाल प्रस्तुत करती है।कल सायंकाल खण्डेलवाल महिला मण्डल ध्दार बारह भावनो पर आधारित कार्यक्रम संचालन मोनिका जैन के ध्दारा किया गया।जिसमे संस्था की 24 महिलाओ ने भाव नृत्य एवं बच्चो के साथ-साथ नृत्य मे बारह भावनाओ का अर्थ भी समझाया कार्यक्रम का शुभारंभ छोटी बच्ची प्रियका जैन एवं जिया जैन के भाव नृत्य ध्दारा किया गया मन्दिर मे उपस्थित पवन गंगवाल,सचिन जैन,शैलेश जैन एन आर आई अशोक जैन कांसलीवाल,अभिषेक जैन गोल्डी शिखा जैन,पूजा जैन,खूशबू जैन आदि थे

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