
लतीफ शाह रहमतुल्लाह अलैह का 56वां त्रिद्विवसीय सालाना उर्स मनाया गया
कानपुर पूर्व वर्षों के अनुसार हज़रत अब्दुल लतीफ शाह कादरी चिश्ती अशरफी रहमतुल्लाह अलैह का 56वां त्रिद्विवसीय सालाना उर्स मुबारक (वार्षिकोत्सव) नफीसउद्दीन लतीफी अशरफी
सज्जादानशीन नेतृत्व में आयोजित किया गया है। अन्दुरून तकिया बिसातियान बकरमण्डी कानपुर नगर में बाद नमाजेइशा मिलादुन्नबी के प्रोग्राम से तिलावते कुरआन के साथ शुरू हुआ। जिसमें पहले नातिया मुशायरे का प्रोग्राम आयोजित हुआ जिसमें नातख्वाह व दीगर शोराए कराम ने शिरकत की और पैगम्बरे इस्लाम सल्ललाहो अलैह वसल्लम व हजरत अब्दुल लतीफ शाह रहमतुल्लाह अलैह की शाने अकदस में नातिया कलाम व, खातिबे अहले बैत हजरत अल्लामा मौलाना अबरार हुसैन वारसी मिर्जापुर ने हदिया ए अकीदत पेश किये। बादहू मिलादुन्नबी मुनक्किद हुआ। जिसमें निज़ामत जनाब शब्बीर अशरफी दीगर उल्माये कराम ने बारगाह में नज़राने अकीदत पेश किये। और उनके बताये गये उसूलों पर चलने की तलकीन की व दुआ के साथ जलस-ए मिलाद का समापन किया गया।3 दूसरे दिन यानि 1 सितमब्रा 2025 को बाद नमाज इशा महफिले शमा (कव्वाली) का प्रोग्राम मुनक्किद हुआ। जिसमें चुनिन्दा कव्वाल गुलाम वारिस, देवे शरीफ, व राजा सरफराज रामपुर दीगर वगैरह ने अपने अपने कलाम पेश किये। महफिले शमा का प्रोग्राम तमाम रात होने के बाद नमाजे फज़िर के पहले खत्म हुआ तथा दिनांक 02 सितम्बर 2025 को दिन में 11 बजे हजरत अब्दुल लतीफ शाह रहमतुल्लाह अलैह का कुल शरीफ सम्पन्न हुआ। जिसमे भारी संख्या में अकीदतमंद हजरात व श्रद्धालुओं व जनसाधारण की सुविधा को देखते हुए आवश्यक इन्तेजाम किये गये थे। इस अवसर पर प्रशासन व पुलिस इन्तेजामिया की ओर से जो सहयोग व योगदान किया गया वह सराहनीय है इसके लिए खुदवामाने दरगाह तहेदिल से शुक्रगुजार है और भविष्य में भी इसी तरह के सहयोग व योगदान की उम्मीद है।
