उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का प्रांतीय अधिवेशन

(1) उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का प्रांतीय अधिवेशन (30 से 31 मार्च 2008 कानपुर)
कांग्रेस अध्यक्ष छोटे राज्यों की पक्षधर रही है परंतु नए राज्यों के गठन की एक संविधान सम्मत प्रक्रिया है l उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी जन आकांक्षाओं की पूर्ति हेतु नए राज्यों के गठन के लिए द्वितीय राज्य पुनर्गठन आयोग बनाए जाने के पक्ष में है परंतु इस पर राजनीति करने के हिमायती दल इस संवेदनशील विषय को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं एवं इसे सियासी दांवपेच का हिस्सा बना कर जनता को भ्रमित करना चाहते हैं प्रदेश के मुख्यमंत्री भी इस बारे में संविधान सम्मत कदम उठाने के बजाय केवल सतही राजनीति करने पर आमादा है l उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का यह स्पष्ट मत है कि उत्तर प्रदेश जनाकांक्षाओं के अनुरूप पूर्वांचल बुंदेलखंड एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रों को नया राज्य बनाने की इच्छुक है तो उसे इस बारे में पत्राचार अथवा बयान बाजी ना करके प्रदेश विधानसभा में एक शासकीय संकल्प पारित करवाकर केंद्र सरकार को प्रेषित करना चाहिए प्रस्ताव माननीय माता प्रसाद जी पूर्व राज्यपाल महोदय ने प्रस्तुत किया माननीय श्री रामनरेश जी पूर्व  मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव का समर्थन किया प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हुआ।
(2) उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का प्रांतीय अधिवेशन (18-19 मई 2011 वाराणसी)
उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से पृथक राज्यों की स्थापना की मांग हो रही है l उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी भौगोलिक आर्थिक सामाजिक एवं विकास के आधार पर छोटे राज्यों के गठन का समर्थन करती हो परंतु छोटे राज्यों के गठन में पड़ोसी राज्यों की सीमाओं में भी परिवर्तन करना पड़ रहा है इसलिए उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी केंद्र सरकार से यथासीघ्र राज्य पुनर्गठन आयोग बनाए जाने की मांग करती है l जिससे छोटे राज्यों के गठन एवं विकास संबंधी सरोकारों को व्यवहारिक रूप दिया जा सके माननीय श्री सलमान खुर्शीद जी केंद्रीय मंत्री भारत सरकार ने रखा एवं माननीय श्री बेनी प्रसाद वर्मा जी केंद्रीय मंत्री भारत सरकार ने प्रस्ताव का समर्थन किया प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।
(3) कांग्रेस पार्टी का घोषणा पत्र (विधानसभा चुनाव 2012 उत्तर प्रदेश)
छोटे राज्यों का मुद्दा
बेहतर शासन और प्रभावी प्रशासनिक क्रियान्वयन के लिए छोटे राज्य वांछनीय हो सकते हैं लेकिन नए राज्य के गठन अथवा वर्तमान राज्य में से राज्यों का निर्माण सदैव जटिल मुद्दा रहा है जिस पर राज्य पुनर्गठन आयोग जैसी विशेष इकाई से निष्पक्ष ढंग से विचार-विमर्श किया जाना चाहिए इसलिए यदि कांग्रेस उत्तर प्रदेश की सत्ता में आती है तो वह केंद्र सरकार से दूसरे राज्य पुनर्गठन आयोग की गठन और इस मामले को देखने का आग्रह करेगी ताकि इस मुद्दे का तार्किक हल निकल सके।

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