*मिशन शक्ति के तहत उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं का हुआ सम्मान*

 

“बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” एवं “मिशन शक्ति 5.0” के अंतर्गत बी.एन.एस.डी. शिक्षा निकेतन विद्यालय में नारी शक्ति सम्मान कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार, जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह, मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरिदत्त नेमी तथा जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास सिंह द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए। बाल सेवा योजना से 10 तथा मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना से 6 बच्चों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। वहीं समाज में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को विभिन्न विभागों के माध्यम से सम्मानित किया गया। बी.एन.एस.डी. कॉलेज से डॉ. आरती पाठक, उच्च शिक्षा विभाग से डॉ. संगीता सिरोही सहित जिला विकास कार्यालय, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, बाल संरक्षण इकाई, महिला कल्याण विभाग हब, स्वास्थ्य विभाग, वन स्टॉप सेंटर, खेल विभाग, राजकीय बालगृह, कृषि विभाग आदि से जुड़ी 45 महिलाओं को अधिकारियों ने प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

कार्यक्रम में महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने हेतु सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग प्रदर्शित की गई, साथ ही महिलाओं ने कविताओं के माध्यम से नारी शक्ति के महत्व को उजागर किया।

मुख्य अतिथि पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार ने कहा कि मिशन शक्ति महिला सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन को समर्पित है। इस अभियान से जमीनी बदलाव आ रहे हैं। भारत में महिलाएं राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री भी रह चुकी हैं जबकि ऐसा सौभाग्य यूएसए को भी नहीं प्राप्त है। उन्होंने कहा कि बेटों और बेटियों में समानता की शुरुआत घर से ही होनी चाहिए। जब परिवार बेटियों को बराबरी का दर्जा देगा तभी समाज में सच्ची समानता स्थापित हो पाएगी और बेटियां सशक्त बन सकेंगी।

जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि बेटा-बेटी एक समान हैं। उन्होंने झांसी की रानी लक्ष्मीबाई और कमलादेवी चट्टोपाध्याय जैसी ऐतिहासिक विभूतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की महिलाएं सदैव शक्ति और प्रेरणा का स्रोत रही हैं और आज भी हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं।

मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन ने विदुषी गार्गी का उदाहरण देते हुए कहा कि प्राचीनकाल से ही महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में अग्रणी रही हैं। इतिहास में महिलाओं के योगदान को नए सिरे से देखने की आवश्यकता है। उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और बेटियों को समान अधिकार दिलाने का संदेश दिया।

इस अवसर पर अनेक विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, विद्यालय की अध्यापिकाएं और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना, आत्मनिर्भर बनाना तथा उनके उत्कृष्ट कार्यों को सम्मानित कर प्रोत्साहित करना रहा।

*इन महिलाओं का हुआ सम्मान*

जिन महिलाओं का सम्मान हुआ उनमें अध्यापिका सुमन वर्मा, डॉ संगीता सिरोही, डॉ कल्पना द्विवेदी, कत्थक नृत्यांगना आस्था पांडेय, कबड्डी खिलाड़ी रागनी जादौन, आंगनबाड़ी कार्यकत्री शाहीन बेगम, समाजसेवी डॉ सुभाषिनी शिवहरे खन्ना, आशा बहु गीता कुशवाहा, संगिनी शशि बाला शर्मा, जनपद हाई स्कूल टॉपर यूपी बोर्ड श्रद्धा दीक्षित, जनपद इंटरमीडिएट टॉपर जीविका श्रीवास्तव, आरती पाठक, वंदना द्विवेदी, रंजना गुप्ता, श्रुति ठाकुर, शैल, श्रद्धा देवी, कल्पना त्रिवेदी, दीप्ति सक्सेना, मोनिका, सुलेखा देवी अंकिता निगम शामिल हैं।

*महिलाओं के लिए हेल्पलाइन नंबर*

महिला हेल्पलाइन (181) – 24×7 निशुल्क सहायता

पुलिस आपातकालीन सेवा (112) – तुरंत पुलिस सहायता

महिला शक्ति केंद्र हेल्पलाइन (1090) – वुमन पावर लाइन

बाल संरक्षण हेल्पलाइन (1098) – बच्चों के लिए आपातकालीन सेवा

एंबुलेंस सेवा (108) – स्वास्थ्य आपातकालीन सेवा

जिला महिला हेल्पडेस्क – प्रत्येक थाने पर उपलब्ध

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