मस्जिद की ज़मीन से नाजायज़ क़ब्ज़ा खत्म ना कराया गया तो हालात के ज़िम्मेदार पुलिस अधिकारी होंगे : मौलाना अमीनुल हक़ अब्दुल्लाह क़ासमी
कानपुर :- घाटमपुर के जवाहर नगर हमीरपुर रोड पर स्थित मस्जिद दारे अरक़म में मस्जिद की ज़मीन पर अराजक तत्वों द्वारा ‘शिवलिंग’ रखकर क्षेत्र के शांतिपूर्ण माहौल को खराब करने पर उतारु उपद्रवियों के खिलाफ जमीअत उलमा हर तरह से क़ानूनी लड़ाई लड़ने के लिये मैदान में है। जमीअत उलमा उत्तर प्रदेश के उपाध्यक्ष मौलाना अमीनुल हक़ अब्दुल्लाह क़ासमी जमीअत उलमा के पदाधिकारियों मौलाना अनीसुर्रहमान क़ासमी, मौलाना अन्सार अहमद जामई और कार्यालय सचिव मुहम्मद साद के साथ घाटमपुर पहुंचकर मस्जिद दारे अरक़म की कमेटी के लोगों , मुतवल्ली जुनैद अहमद और स्थानीय लोगों से मुलाक़ात करके उन्हें हौसला रखने और तसल्ली देते हुए उनके पास मौजूद मस्जिद की अराज़ी और वक़्फ बोर्ड के काग़जात, जिस जगह पर मस्जिद बनी है उस क्षेत्र का पूरा नक्शा, टैक्स जमा करने की रसीदें, 1964 में जिस वक़्त ज़मीन खरीदी गई थी उसके काग़ज, घाटमपुर के नगर पालिका कार्यालय में मौजूद ज़मीन के रिकार्ड, दाखिल खारिज, स्थानीय निकाय द्वारा जारी मस्जिद की इमारत के मालिकाना हक़ का प्रमाणपत्र, पूर्व में हुए क़ब्जे की कोशिशों के बाद हुए मुक़दमें में न्यायालय से मिली कामयाबी समेत अन्य तमाम काग़जात देखे जिससे साबित होता है कि मौलाना ने स्पष्ट रुप से कहा कि अगर ज़िम्मेदार अधिकारियों ने फौरन इस मामले को गंभीरतापूर्वक नहीं लिया और क्षेत्र में ला एंड आर्डर की समस्या पैदा हुई तो उसका जिम्मेदार कानपुर जिला प्रशासन होगा।
