मां को देखा तो फफक कर रोने लगी

कानपुर। बिकरू कांड (Bikru Case) में आरोपी बनाई गई नाबालिग खुशी (Khushi) को सोमवार बाराबंकी के किशोरी संप्रेक्षण गृह से माती किशोर न्याय बोर्ड में कड़ी सुरक्षा के बीच लाया गया। नाबालिग के आने की जानकारी पर उसकी मां व कई रिश्तेदार भी मौके पर पहुंच गए थे। किशोरी ने जैसे ही अपनी मां को देखा तो फफक कर रोने लगी।
पीड़िता ने जैसे ही नाबालिग ने इंस्पेक्टर को सामने देखा तो बोर्ड से इजाजत मांग कर कुछ सवाल किए। उसने इंस्पेक्टर से कहा कि ‘सर आप तो भरोसा देकर ले गए थे कि उसे कुछ नहीं होगा फिर इतने बड़े मामले में आरोपी बनाकर जिंदगी बर्बाद कर दी। आपने तो कहा था कि तुम्हारा क्या कसूर है, आपकी शादी दो दिन पहले ही हुई है।’
‘आपने तो कहा था कि चलो कुछ जानकारी लेनी है, पूछताछ के बाद छोड़ देंगे। आपने तो मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी।’ किशोर न्याय बोर्ड से इजाजत लेकर नाबालिग ने इंस्पेक्टर चौबेपुर (Inspector Chaubepur) कृष्ण मोहन राय से ये सवाल किए तो उनकी नजरें झुकी रह गईं। साथ ही वहां मौजूद हर सदस्य एकदम शांत हो गया।
खुशी ने कहा ‘ऐसी बातें करने के बाद आपने जेल भेज दिया। कुछ जानकारी हासिल करने के बाद घर तक छोड़ने का वादा करके आप ले गए थे। नाबालिग की बातें सुनकर इंस्पेक्टर ने गर्दन नीचे कर ली। इसके बाद उसकी तरफ सिर उठाकर देखा तक नहीं। नाबालिग के सवालों से वहां मौजूद हर कोई खामोश हो गया।
दो जुलाई 2020 को हुए बिकरू कांड में कुख्यात आरोपियों के साथ नाबालिग को भी पुलिस ने गंभीर धाराओं में आरोपी बनाया है। जबकि दो दिन पहले ही नाबालिग विकास के करीबी अमर दुबे (Amar Dubey) के साथ शादी करके बिकरू पहुंची थी। नाबालिग को इतनी बड़ी घटना में मुख्य आरोपी बनाने पर शुरू से ही सवाल उठाए जा रहे हैं।
अभिलेखों के अनुसार कोर्ट ने उसे नाबालिग माना है। उसकी सुनवाई किशोर न्याय बोर्ड में चल रही है। किशोर न्याय बोर्ड में बयान दर्ज कराने आए इंस्पेक्टर कृष्ण मोहन राय उसे गिरफ्तार करने के बाद पहली बार मिले थे।
अन्य रिश्तेदारों से मिलकर भी वह रोती रही। लोगों ने उसे ढांढस बंधाया। वहीं किशोर न्याय बोर्ड के बाहर पुलिस कर्मी उसकी सुरक्षा में तैनात रहे। घर के लोगों ने नाबालिग से हालचाल पूछा। सुनवाई के बाद पुलिस उसे बाराबंकी के लिए लेकर रवाना हो गई। उसके जाने पर मां बिखलने लगीं।

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