*मण्डल स्तरीय दिव्यांगजन दीपावली मेले का शुभारंभ*

कानपुर नगर, 16 अक्तूबर।

आज प्रातः मोतीझील स्थित लॉन नंबर-3 में मण्डल स्तरीय दिव्यांगजन दीपावली मेले का शुभारंभ जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने फीता काटकर एवं दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उपनिदेशक दिव्यांगजन सशक्तिकरण, कानपुर मण्डल, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी, उपायुक्त उद्योग कानपुर, पुष्पा खन्ना मेमोरियल की निदेशक और परवाज जन कल्याण समिति की निदेशक ने बुके देकर स्वागत किया।

 

*सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से शुरुआत*

कार्यक्रम का आगाज़ साईं बाबा स्पेशल स्कूल के दृष्टिबाधित दिव्यांग बच्चों द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से हुआ। बच्चों की प्रस्तुति ने सभी उपस्थित जनों को भावविभोर कर दिया।

 

*स्टॉलों का अवलोकन और खरीदारी*

जिलाधिकारी जितेंद प्रताप सिंह ने दिव्यांगजनों द्वारा बनाए गए हस्तनिर्मित उत्पादों के स्टॉलों का अवलोकन किया और खरीदारी भी की। इससे न केवल दिव्यांगजनों को आर्थिक मदद मिली, बल्कि उनके हुनर को भी प्रोत्साहन प्राप्त हुआ।

 

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग को सम्मान और अवसर देना हम सबका नैतिक दायित्व है। दिव्यांग बच्चे, बच्चियां और युवा जिस आत्मविश्वास, सृजनशीलता और मेहनत से कार्य कर रहे हैं, वह समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। दीपावली पर तैयार किए गए सुंदर दीपक, उपहार, मोम के उत्पाद और हस्तनिर्मित वस्तुएं उनकी प्रतिभा का प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि यदि अवसर और सहयोग मिले तो ये बच्चे किसी से कम नहीं हैं।

 

उन्होंने ‘पहल संस्था’, ‘बैंक डेवलपमेंट सोसाइटी’ और अन्य सामाजिक संगठनों की सराहना की, जो इस दिशा में लगातार कार्य कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने प्रेरक माता-पिता और स्वयंसेवियों को समाज की शक्ति बताया और नागरिकों से अपील की कि वे ऐसे आयोजनों में सम्मिलित होकर न केवल उत्पादों की खरीदारी करें बल्कि दिव्यांग बच्चों के आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा दें।

 

 

*प्रदर्शनी में 10 संस्थाओं ने लगाए स्टॉल*

यह मेला निदेशालय दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, उ.प्र. लखनऊ की राज्य निधि योजना के अंतर्गत, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी कार्यालय एवं पंजीकृत स्वयंसेवी संस्थाओं — परवाज जन कल्याण समिति और पुष्पा खन्ना मेमोरियल सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ।

 

मेले में कुल 10 स्वयंसेवी संस्थाओं ने स्टॉल लगाए। इनमें पहल विकलांग पुनर्वास केंद्र समिति, पुष्पा खन्ना मेमोरियल सेंटर, प्रेरणा स्पेशल स्कूल फेथफुलगंज, दिव्यांग डेवलपमेंट सोसाइटी, परवाज जन कल्याण समिति, दृश्यम सेवा समिति, प्रगति लर्निंग सेंटर, अमृता स्पेशल स्कूल एवं पुनर्वास केंद्र, विकलांग एसोसिएशन कानपुर नगर और साकार स्पेशल स्कूल प्रमुख रहीं।

 

इन संस्थाओं द्वारा दिव्यांग बच्चों और कलाकारों ने अपने हस्तनिर्मित उत्पाद प्रदर्शित किए, जिनमें दीये, लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां, सजावट का सामान, मिट्टी की प्रतिमाएं, जूट के डोर-मैट, मोतियों की मालाएं, चित्रकला, मोमबत्तियां, अगरबत्तियां, भगवान की पोशाक, थैले और अन्य विशिष्ट वस्तुएं शामिल थीं।

 

*मुख्यधारा से जोड़ने का माध्यम*

जिलाधिकारी ने कहा कि यह मेला दिव्यांगजनों की प्रतिभा और मेहनत को समाज तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम है। ऐसे आयोजनों के जरिए दिव्यांग बच्चे न केवल अपनी कला और हुनर का प्रदर्शन करते हैं बल्कि आत्मनिर्भरता की राह पर भी आगे बढ़ते हैं।

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