कानपुर, 11 दिसंबर।
चंद्रशेखर आज़ाद जन कल्याण समिति, भारत के तत्वावधान में महान स्वतंत्रता सेनानी, पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री और भारत रत्न मौलाना अबुल कलाम आज़ाद की जयंती के अवसर पर मोती झील स्थित शिलालेख पर युवा चेतना सभा आयोजित की गई।
शिलालेख पर पुष्प एवं माला अर्पित कर उन्हें नमन किया गया। वक्ताओं ने आज़ाद जी को एक उच्च राष्ट्रभक्त, सैनिक और महान नेता बताया।
सभा की अध्यक्षता करते हुए समिति के संस्थापक अध्यक्ष सर्वेश कुमार पांडे ‘नीन्नी’ ने कलाम साहब के चरणों में श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि देश की आज़ादी और विकसित भारत के निर्माण में उनके योगदान को सदैव याद किया जाएगा।
आज ही के दिन, 1888 में मक्का में जन्मे मौलाना आज़ाद ने भारत के प्रथम केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में कार्य करते हुए अनेक उच्च शिक्षण संस्थानों—जैसे आई.आई.टी. (IIT), टेक्नोलॉजी संस्थान आदि—की स्थापना की थी। उन्होंने ‘अल-हिलाल’ समाचार पत्र निकालकर लोगों को आज़ादी के आंदोलन से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य किया था।
आज देश उनका जन्मदिन राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रूप में मना रहा है। ऐसे महान शिक्षाविद, सेनानी और पत्रकार मौलाना आज़ाद जी के मार्ग पर चलकर सामाजिक कुरीतियों का अंत करें और आपसी भाईचारा बनाए रखें — यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
सभा में पूर्व अधिकारी सेनानी पुत्र कृष्णकांत अवस्थी, संदीप साहू, अनिल त्रिपाठी, रविदत्त मिश्रा, तिलक चंद्र कुरील, विजय नारायण मिश्रा, राकेश सिंह, बी.डी. जयसवाल, राकेश श्रीवास्तव, भाजिद दुरसाद, हर्षित शुक्ला आदि उपस्थित रहे।”
