कानपुर
नवाबगंज थाना क्षेत्र में तेजाब हमले के एक आरोपी की निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने पुलिस पर उसे प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। हालांकि, पुलिस का दावा है कि परिजनों ने उनके खिलाफ कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है।
जानकारी के अनुसार, गड़रियनपुरवा निवासी सर्वेश गुप्ता ने दो सितंबर को आरोप लगाया था कि मुहल्ले के राजेश पाल, उसके भाई दिनेश पाल, पप्पू पाल और एक अन्य ने मिलकर उसकी मारपीट की और उस पर तेजाब डाल दिया। इस घटना के बाद एक वीडियो सामने आया था, जिसमें राजेश पाल को सर्वेश के दोस्त कुलदीप सोनी को इलाज के लिए 20 हजार रुपये देते देखा गया था। इसके बावजूद सर्वेश ने राजेश समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया।
आरोपी राजेश पाल, जो पहले से शुगर जैसी बीमारियों से पीड़ित था, को 28 अक्टूबर को कोर्ट में आत्मसमर्पण करने के बाद जेल भेज दिया गया था। 13 नवंबर को उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया। जमानत के बाद उसकी तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे काकादेव स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां गुरुवार शाम उसकी मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसे प्रताड़ित किया था, जिसकी वजह से उसकी हालत बिगड़ी। हालांकि, उन्होंने पोस्टमार्टम कराए बिना ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
पीड़ित ने पुलिस आयुक्त के सामने दिया नया बयान
वहीं, शुक्रवार को इस मामले में एक नया मोड़ आया। तेजाब हमले के पीड़ित सर्वेश गुप्ता स्वयं पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचा और उसने पुलिस आयुक्त के सामने एक बयान दिया। सर्वेश ने अपने बयान में दावा किया कि आरोपी के परिवार ने उसे इलाज के लिए 20 हजार रुपये दिए थे, लेकिन चौकी के बाहर आते ही यह रकम उससे छीन ली गई। उसने आगे कहा कि चौकी प्रभारी को रुपये गिनते हुए जो वीडियो बनाया गया था, वह सरासर गलत है। इस नए बयान ने पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं और मामले की जांच के नए दावों पर विचार करने की आवश्यकता पैदा कर दी है।
पुलिस ने परिजनों के आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि मृतक पहले से ही गंभीर रूप से बीमार था। हालांकि, पीड़ित के नए बयान के बाद मामले में और जांच की मांग उठने की संभावना है।
