*विद्यालयों में मनाया गया संविधान दिवस, बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की फोटो पर माल्यार्पण कर उनके जीवन पर डाला गया प्रकाश*
कानपुर देहात की तहसील भोगनीपुर के ब्लॉक अमरौधा के अंतर्गत आने वाले प्राथमिक विद्यालय बिल्हापुर व अन्य सभी विद्यालयों व सरकारी विभागों में संविधान दिवस मनाया गया सर्वप्रथम बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जी की फोटो पर माल्यार्पण किया गया तथा विद्यालयों में बच्चों को संविधान दिवस के महत्व को बताया गया बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके जैसा बनने को बताया गया संविधान दिवस, 26 नवंबर को मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन 1949 में भारतीय संविधान सभा ने औपचारिक रूप से संविधान को अंगीकृत किया था। इसे 26 जनवरी, 1950 को लागू किया गया, जिससे भारत एक संप्रभु, लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में स्थापित हुआ।
भारत सरकार ने 2015 में 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में घोषित किया था, ताकि 1949 में संविधान को अंगीकृत किए जाने का सम्मान किया जा सके। तब से, हर साल इस दिन राष्ट्र संविधान को अपनाने का जश्न मनाता है।
संविधान के निर्माण का कार्य 1946 में शुरू हुआ था। संविधान सभा के अध्यक्ष भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद थे, जबकि संविधान की प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ. भीमराव आंबेडकर थे।
