*खानकाहे हुसैनी में परचम कुशाई की रस्म अदा कर उर्स गरीब नवाज़ का आगाज़।*
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कानपुर 21 दिसम्बर सुल्तान ए हिंद हज़रत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती गरीब नवाज़ रह० अलै० के सालाना 814 वां उर्स मुबारक की शुरुआत खानकाहे हुसैनी हज़रत ख्वाजा सैय्यद दाता हसन सालार शाह की कर्नलगंज स्थित दरगाह पर मुल्क सूबे व शहर मे अमनो अमान कायम रहने की दुआ के साथ परचम कुशाई की रस्म अदा की गयी।
ज़ोहर की नमाज़ के बाद हिंद वली इंसानियत मोहब्बत हिंदू मुसलमान की एकता का पैगाम देने वाले हज़रत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती गरीब नवाज़ रह० अलै० के सालाना 814वां उर्स मुबारक खानकाहे हुसैनी मे परचम कुशाई की शुरुआत हाफिज़ मोहम्मद अरशद वास्तवी ने तिलावते कुरान ए पाक से की, अदबो एहतिमाम, अकीदत जोश के साथ परचम मे केवड़ा, इत्र, गुलाब के हार पेशकश परचम को उठाया गया। हिंदुस्तान जिंदाबाद, हिंदुस्तान जिंदाबाद के लगाए नारो से पूरा इलाका गूँज गया या मोईन हक़ मोईन परचम कुशाई के दौरान अकीदतमंद पढ़ रहे थे।
परचम कुशाई के बाद सलात ओ सलाम पेशकर दुआ हुई दुआ मे खादिम खानकाहे हुसैनी व मोहम्मदी यूथ गुप के अध्यक्ष इखलाक अहमद डेविड चिश्ती ने अल्लाह से हुज़ूर सरकार मोहम्मद मुस्तफा (स०अ०व०), मौला अली, हसन, हुसैन के सदके मे गरीब नवाज़ के उर्स की बरकत से हम सब को सच्चे रास्तें पर चलाने वाला बना दे, हमारे मुल्क सूबे व शहर मे अमन व अमान कायम कर मुल्क में खुशहाली तरक्की दे, हमारे मुल्क से दहशतगर्द का खात्मा कर दुआ मे मौजूद तमाम लोगो ने आमीन आमीन आमीन कहा।
परचम कुशाई मे इखलाक अहमद डेविड चिश्ती, हाफिज़ मोहम्मद अरशद वास्तवी, जमालुद्दीन फारुकी, सैय्यद मोहम्मद अतहर कादरी, इशरत अली, मोहम्मद फैज़ान खान अज़हरी, युनुस खान, मोहम्मद रज़ा बरकाती, मोहम्मद तौफीक वारसी, मोहम्मद मुज़म्मिल, मोहम्मद इदरीस, हबीब आलम, मोहम्मद नफीस, मोहम्मद अदनान, खादिम खानकाहे हुसैनी अफज़ाल अहमद आदि लोग मौजूद थे।
