गरीब नवाज़ रहमतुल्लाह अलैह के ऐसे अनमोल अक़वाल हैं, जो सोने से लिखे जाने काबिल हैं: मौलाना हाशिम
कानपुर, ऑल इंडिया गरीब नवाज़ काउंसिल के तत्वावधान में गरीब नवाज़ सप्ताह के अंतर्गत 4 चौथा जश्न-ए-गरीब नवाज़ कोरियां में आयोजित हुआ!इस मौके पर काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष हज़रत अल्लामा मौलाना मोहम्मद हाशिम अशरफ़ी इमाम ईदगाह गद्दियाना ने शानदार खिताब किया। उन्होंने कहा कि हज़रत ख्वाजा गरीब नवाज़ रहमतुल्लाह अलैह के ऐसे अनमोल अक़वाल हैं, जो सोने से लिखे जाने काबिल हैं।
उन्होंने बताया कि मजबूरों की मदद करना, जरूरतमंदों की जरूरत पूरी करना और भूखों को खाना खिलाना बहुत बड़ी नेकी है। सदक़ा एक नूर है, सदक़ा जन्नत की हूरों का ज़ेवर है और नफ़ली इबादतों में सबसे अफजल है। सदक़ा देने वाले क़यामत के दिन अल्लाह के अर्श की साए में होंगे। जिसने मौत से पहले सदक़ा दिया, वह अल्लाह की रहमत से दूर नहीं होगा। सदक़ा जन्नत का रास्ता है और सदक़ा देने वाला अल्लाह के क़रीब होता है। ज़मीन भी सख़ी इंसान पर फ़ख़्र करती है। जो भूखे को खाना खिलाता है,
मौलाना अशरफ़ी ने कहा कि जिन लोगों में तीन खूबियाँ हों, अल्लाह उन्हें अपना दोस्त बना लेता है दरिया जैसी दरियादिली, कि सबको दे
सूरज जैसी मोहब्बत, कि सब पर मेहरबान रहे
ज़मीन जैसी आज ज़ी कि हर एक के लिए इनकिसारी करे!इससे पहले जश्न की शुरुआत क़लाम-ए-इलाही से हुई। नात और मनक़बत क़ारी मोहम्मद अहमद अशरफ़ी, हाफ़िज़ मोहम्मद अरशद अशरफ़ी और हसन शिबली अशरफ़ी ने पेश की मुल्क और आलम-ए-इस्लाम की तरक़्क़ी, खुशहाली और अमन-अमान के लिए दुआएँ की गईं और तबर्रुक तक़सीम किया गया।
इस मौके पर प्रमुख रूप से मन्ना ठेकेदार, लाल मोहम्मद, सगीर अहमद, खलील अहमद, अब्दुल हमीद, मोहम्मद इस्माइल, मोहम्मद रिज़वान, मोहम्मद बशीर, मोहम्मद जमाल, मोहम्मद कमाल, बब्लू, साबिर अली, चमन, मोहम्मद जिब्रील, चांद बाबू, अफ़सर अली, मोहम्मद शमीम, मोहम्मद रेहान आदि मौजूद रहे।
