*तीसरे दिन भी शिवाला की राम कथा में दिखी आस्था की शक्ति*

 

*सास कौशल्या सी होगी, तो बहू भी सीता सी बनेगी*

 

स्मृतिवान पं बद्री नारायण तिवारी जी द्वारा स्थापित साहित्यिक संस्था ‘मानस संगम’ के 67वें वर्ष का शुभारम्भ बीते रविवार को हुआ, कथा के तीसरे दिन भी शिवाला निवासियों के साथ ही साथ क्षेत्रीय इलाकों से भी भारी संख्या में श्रोता प्रयाग नारायण शिवाला मंदिर में मौजूद रहे |

 

युग तुलसी कहे जाने वाले पं• रामकिंकर जी उपाध्याय जी के कृपा पात्र शिष्य पं• उमा शंकर व्यास जी ने व्यासपीठ की पूजा उपरान्त कथा शुरू की, कथा के तीसरे दिन उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता एवं समाज के सौहार्द तभी पुष्ट होंगे जब संबंधों में सदव्यवहार होगा, एक दूसरे पर विश्वास होगा, यदि हमारे जीवन में एक दूसरे को न्यून दिखाने की वृत्री होगी तो बिना झगड़ा हुए कोई रहेगा नहीं |

 

मानस मर्मज्ञ व्यास जी कहते हैं कि मानसकार गोस्वामी पाद ने एक सभी समाज में कैसे लोग होते हैं इसका बहुत सा दृष्टांत दिया है| महाराज दशरथ के चार पुत्रों का विवाह जनक जी महाराज की चार पुत्रियों से होता है| विदाई के पश्चात जब सब अयोध्या आती है तब दशरथ जी ने महारानी कौशल्या से यही कहा था –

 

वधू लरकिन घर पर आईं | रखेउ पलक नयन की नाईं ||

 

पट रानी कौशल्या ने उसका अक्षरस: पालन किया | वनगमन के समय वे कहती हैं राम आज तक मैंने सीता को राजमहल भूमि पर नहीं उतरने दिया | या तो पलंग पर या फिर डोली पर जाने के लिए मैंने अपनी गोद में बैठाकर पहुँचाया –

 

पलंग पीठ तजि गोद हिडोरा! सिप न दीन्ह पग अवनि कठोरा

 

कहने का आशय यह है कि यदि सास कौशल्या सी होगी, तो बहू भी सीता सी बनेगी | सीता के आदर्श के संबंध में भी गोस्वामी पाद ने बताया कि जब सीता सिंहासनहीन हुईं तब अपने हाथ से ही घर के काम करती थीं |

 

ठंडी शाम में श्रोता कथा के बहाव में मग्न थे तो वहीं कुछ भक्ति भाव में लीन दिखे तो कुछ के चहरे पर भावुकता उफान पर थी | पं• उमा शंकर जी ने श्रोताओं को गौ सेवा और उसके लाभ आदि के विषय में भी बताया..

 

मंदिर के अध्यक्ष विजय नारायण तिवारी ‘मुकुल’ एवं प्रबंधक अभिनव नारायण तिवारी के साथ ही साथ राघव तिवारी, उमंग अग्रवाल, संजय सिंह, के के यादव, श्याम अरोड़ा, अनीता कुमार वर्मा, विनोद कुमार दीक्षित, राजेश मिश्रा, अभिषेक सावंत, अनुराग सिंह, डॉ• प्रदीप दीक्षित, अमरेश मिश्रा, हर्षित त्रिपाठी, ओमप्रकाश गुप्ता, विजय मिश्रा, सतीश तिवारी, ऋषभ मिश्रा आदि मौजूद रहे

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