आलू उत्पादक किसानों को नही मिल रही राहत
किसान नया आलू 400 रुपये प्रति क्विटल विक्रय करने के लिए बाध्य
कानपुर समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव के के शुक्ला ने एक वक्तव्य में बताया कि प्रदेश की भाजपा सरकार आलू उत्पादक किसानो को कोई राहत प्रदान न किये जाने से किसानों को अपनी आलू फसल पैदावार को औने पौने बेचना पढ़ रहा है जिससे किसानों को उत्पादन लागत नहीं मिल पा रही है जिसके कारण उसको काफी क्षति पहुंची है।
सपा प्रदेश सचिव के के शुक्ल ने आगे बताया है कि किसान अपनी पैदावार ढाई सौ रुपया प्रति बेच रहा है, जिसकें कारण उसे नुकसान हुआ और बाजार में खरीदारी नही हो पा रही क्योकि फतेहपुर, कन्नौज, कानपुर,हरदोई की मंडियो से आलू पश्चिम की बाजारों मे जा रहा लेकिन किसान को नुकसान पहुंच रहा है जबकि उसे खाद, बीज, दवा, सिंचाई,जुताई में 65 हजार रुपया से ज्यादा खर्च आया लेकिन भाजपा सरकार किसानो को राहत नही दे रही।
सपा प्रदेश सचिव के के शुक्ला ने आगे कहा कि आलू खर्च मंडी भाडा कही 100 रुपया प्रति पैकेट कही दो सौ रुपया आ रहा है। जबकि नया आलू की बम्पर पैदावार से किसान घाटे में चला गया। और दूसरी ओर शीतगृह वाले पुराना आलू निकालने के लिये किसानों से कह रहे है। किसान यदि आलू निकाले तो उसे पुराने आलू पर भी भाडा तथा शीत गृह का २०० रुपये पैकेट किराया भी नहीं निकल पायेगा उससे किसान पुराना आलू शीतगृह से कम उठा रहा है।सपा प्रदेश सचिव के के शुक्ल ने आगे कहा कि कन्नौज में 150 से अधिक शीतगृह है तथा फर्रुखाबाद में 95 और कानपुर 77 शीतगृह है जहा बाजार में भाव न मिलने की वजह से 30 फीसदी आलू फेकने की स्थिति किसान पहुंच गया है।
प्रदेश सचिव के०के शुक्ल ने कहा कि फतेहपुर में आलू का भाव नहीं मिल पा रहा है जहा चार हजार क्विंटल से अधिक आलू निकलने में किसान बरबाद होगा। लेकिन किसानों के साथ भाजपा सरकार का हो रहा अन्याय से किसान परेशान है जबकि सरकार ने किसानो को राहत देने के बजाय अनदेखी है।
